मुंबई, 24 मई (भाषा) नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने नवी मुंबई में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत सुरंग खंड के लिए दूसरी टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) को काम पर लगाया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
एनएचएसआरसीएल ने एक विज्ञप्ति में बताया कि 350 टन वजनी ‘कटरहेड’ मशीन को शनिवार को घंसोली के पास साउली में उतारा गया, जो टीबीएम के विभिन्न हिस्सों को काम शुरू करने के लिए जोड़ने का अंतिम चरण है।
दूसरी टीबीएम मुंबई के सावली से विक्रोली की ओर सुरंग खोदना शुरू करेगी। पहली टीबीएम को पिछले सप्ताह विक्रोली में काम पर लगाया गया था।
विज्ञप्ति के मुताबिक जुलाई के पहले सप्ताह में खुदाई का काम शुरू करने से पहले दोनों मशीनों का अंतिम संयोजन और कमीशनिंग परीक्षण किया जाएगा।
एनएचएसआरसीएल के अनुसार, टीबीएम मशीनों को एक ही सुरंग की खुदाई करने के लिए डिजाइन किया गया है जो हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की अप और डाउन दोनों लाइनों को समायोजित करने के लिए पर्याप्त बड़ी होगी।
इसमें कहा गया है कि सुरंग निर्माण कार्यों के दौरान खुदाई और मलबा हटाने के लिए प्रत्येक मशीन 84 कटर डिस्क, 124 स्क्रैपर और 16 बकेट लिप्स से सुसज्जित है।
स्लरी आधारित मिक्स शील्ड टीबीएम मशीनों का वजन क्रमशः 3,080 टन और 3,184 टन है, और प्रत्येक की लंबाई 95.32 मीटर है।
विज्ञप्ति के मुताबिक टीबीएम मशीनें अधिकतम चार चक्कर प्रति मिनट की कटरहेड गति से काम कर सकती हैं और सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए 49 मिमी प्रति मिनट तक की खुदाई दर प्राप्त कर सकती हैं।
मुंबई की 21 किलोमीटर लंबी सुरंग के 16 किलोमीटर खंड के निर्माण के लिए मशीनों को असेंबल किया जा रहा है। इस खंड में ठाणे क्रीक के नीचे सात किलोमीटर लंबी समुद्री सुरंग भी शामिल है, जो भारत की पहली समुद्री रेल सुरंग होगी।
भाषा धीरज प्रशांत
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