सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने वाली शक्तियों से लड़ने की चुनौती : शरद पवार

सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने वाली शक्तियों से लड़ने की चुनौती : शरद पवार

सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने वाली शक्तियों से लड़ने की चुनौती : शरद पवार
Modified Date: May 21, 2023 / 04:30 pm IST
Published Date: May 21, 2023 4:30 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

मुंबई, 21 मई (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को कहा कि हर किसी के सामने उन शक्तियों से लड़ने की चुनौती है, जो जानबूझकर देश में सामाजिक और सांप्रदायिक विभाजन को उकसा रही हैं।

पवार ने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में एक कार्यक्रम में कहा कि कर्नाटक में हाल में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे बताते हैं कि स्थिति धीरे-धीरे बदल रही है। उन्होंने कहा कि अगर श्रमिक वर्ग मजबूत और एकजुट रहता है, तो कर्नाटक विधानसभा चुनावों में जो देखा गया, उसे देश में अन्य जगहों पर भी दोहराया जा सकता है।

कर्नाटक में हाल में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराकर पांच साल के अंतराल के बाद सत्ता में वापसी की।

पवार ने आरोप लगाया, ‘‘देश पर शासन करने वाली कुछ शक्तियां समाज में जाति और धर्म के आधार पर तनाव भड़का कर इसे पीछे की ओर ले जा रही हैं। वे सत्ता का इस्तेमाल लोगों के कल्याण के लिए नहीं, बल्कि उनके बीच विभाजन पैदा करने के लिए कर रहे हैं।’’

राकांपा प्रमुख ने कहा कि चुनौती इन शक्तियों के खिलाफ लड़ने की है, अन्यथा आम आदमी तबाह हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘अहमदनगर प्रगतिशील जिला है, इसके बावजूद हाल में शेवगांव में सामाजिक तनाव पैदा हुआ।’’

पवार ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे बताते हैं कि स्थिति धीरे-धीरे बदल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक में आम आदमी की सरकार ने कमान संभाली है। कल (मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के) शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले एक लाख लोगों में से 70 प्रतिशत समाज के विभिन्न तबकों के युवा थे। नए मुख्यमंत्री सभी को साथ लेकर कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा के लिए काम करेंगे।’’

पवार ने कहा कि अगर श्रमिक वर्ग मजबूत और एकजुट रहता है, तो कर्नाटक विधानसभा चुनावों में जो देखा गया, उसे देश में अन्य जगहों पर भी दोहराया जा सकता है।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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