सड़क हादसे के पीड़ित व्यक्ति के परिवार को 25.71 लाख मुआवजा दिया जाए: न्यायाधिकरण

सड़क हादसे के पीड़ित व्यक्ति के परिवार को 25.71 लाख मुआवजा दिया जाए: न्यायाधिकरण

सड़क हादसे के पीड़ित व्यक्ति के परिवार को 25.71 लाख मुआवजा दिया जाए: न्यायाधिकरण
Modified Date: July 15, 2026 / 02:09 pm IST
Published Date: July 15, 2026 2:09 pm IST

ठाणे, 15 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे के मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने तेज रफ्तार टैंकर की चपेट में आने से जान गंवा चुके 28 वर्षीय एक व्यक्ति के परिवार को 25.71 लाख रुपये का मुआवजा दिये जाने का आदेश दिया है।

न्यायाधिकरण ने मंगलवार को अपने आदेश में मामले की ठीक से जांच न करने को लेकर पुलिस को फटकार लगाई और कहा कि संबंधित गाड़ी के बोनट पर ‘महाराष्ट्र सरकार’ लिखा था।

न्यायाधिकरण के आदेश के अनुसार 12 फरवरी 2019 को एक तेज रफ्तार टैंकर ने गणेश धुला पाटीदार को टक्कर मार दी थी तथा अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गयी थी। पाटीदार की ठाणे जिले के भिवंडी में चाय की दुकान थी।

बाद में पाटीदार के परिवार ने क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए दावा दाखिल किया।

बीमा कंपनी ने इस दावे का विरोध करते हुए तर्क दिया कि पाटीदार मानसिक रूप से अस्थिर थे और उन्होंने वाहन के सामने आकर आत्महत्या की थी। लेकिन न्यायाधिकरण ने कंपनी के तर्क को खारिज कर दिया।

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘रिकॉर्ड पर ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह पता चले कि पाटीदार तनाव में था और उसी तनाव के कारण उसने आत्महत्या की।’’

एमएसीटी सदस्य आर.वी. मोहिते ने पाटीदार के दुखी भाई का ‘अस्पष्ट बयान’ दर्ज करने और प्राथमिकी दर्ज न करने को लेकर स्थानीय भोईवाड़ा पुलिस की भी आलोचना की।

न्यायाधिकरण ने टैंकर के मालिक और बीमा कंपनी, दोनों को संयुक्त एवं पृथक रूप से उत्तरदायी ठहराते हुए याचिका दायर किए जाने की तिथि से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 25,71,900 रुपये का मुआवजा अदा करने का आदेश दिया।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश


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