राहुल गांधी के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेस ने इन्फ्लुएंसर को पैसे दिए: भाजपा

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राहुल गांधी के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेस ने इन्फ्लुएंसर को पैसे दिए: भाजपा

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  • Publish Date - August 22, 2026 / 02:21 PM IST,
    Updated On - August 22, 2026 / 02:21 PM IST

मुंबई, 22 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुणे में छात्रों से जुड़े राहुल गांधी के कार्यक्रम को ‘‘पैसे की गूंज’’ करार देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भीड़ जुटाने के लिए कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को पैसे दिए।

भाजपा के इस आरोप पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए दावा किया कि राहुल के प्रति ‘जेन जी’ का बढ़ता समर्थन देखकर भाजपा घबरा गई है।

भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए प्रत्येक इन्फ्लुएंसर को 35,000 रुपये तक दिए और इस पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए।

कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि युवाओं के बीच गांधी का बढ़ता प्रभाव देखकर भाजपा नेता डरे हुए हैं।

गांधी का शनिवार को पुणे में खास तौर पर छात्राओं के लिए आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने का कार्यक्रम हैं।

बन ने भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के मुंबई स्थित मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि लोगों को कार्यक्रम में आने और सोशल मीडिया पर इसका प्रचार करने के लिए पैसे देकर कांग्रेस यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लोगों का स्वत: समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने दावा किया कि ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को पुणे के कार्यक्रम का प्रचार करने के लिए 30,000 से 35,000 रुपये देने की पेशकश की जा रही है जिसमें उनकी यात्रा का खर्च और सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का प्रचार करने का खर्च शामिल है।

बन ने कहा, ‘‘यह कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ नहीं बल्कि ‘पैसे की गूंज’ है। कांग्रेस पैसे देकर भीड़ जुटा रही है।’’

उन्होंने दावा किया कि अगर करीब 3,000 लोगों को प्रति व्यक्ति 30,000 से 35,000 रुपये दिए गए हों तो कुल खर्च नौ से 10 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है।

बन ने कहा, ‘‘यह पैसा कहां से आया? इसे कौन दे रहा है और यह किसके जरिए बांटा जा रहा है? इस पैसे का आधिकारिक हिसाब क्या है?’’

भाजपा प्रवक्ता ने इस धन के स्रोत की विस्तृत जांच की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसका कोई संबंध विदेशी वित्त पोषण या कांग्रेस शासित राज्यों में ठेकों, कमीशन अथवा अन्य वित्तीय लेन-देन के जरिए कथित तौर पर जुटाए गए धन से है।

उन्होंने पैसा बांटने में कथित तौर पर शामिल संगठनों और लोगों को लेकर भी जांच की मांग की।

भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के उपाध्यक्ष केशव उपाध्याय ने आरोप लगाया कि गांधी का पुणे कार्यक्रम छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल कर एक राजनीतिक मंच तैयार करने की कोशिश है।

उपाध्याय ने कहा, ‘‘कार्यक्रम का नाम भले ही ‘छात्रों की गूंज’ है, लेकिन वास्तव में यह राहुल गांधी की राजनीतिक लड़ाई है।’’

उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी 100 चुनाव हार चुके हैं लेकिन इसके बावजूद अब तक अपनी राजनीति की स्पष्ट दिशा तय नहीं कर पाए हैं।

उपाध्याय ने कहा, ‘‘राहुल गांधी केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं तलाश पाए हैं। झूठे विमर्श गढ़ने के लिए आरोप-प्रत्यारोप लगाने और तरह-तरह के राजनीतिक प्रयोगों के बावजूद लोग उन पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं।’’

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने भाजपा पर पलटवार करते हुए दावा किया कि युवाओं, खासकर ‘जेन जी’ के बीच गांधी को मिल रहे बढ़ते समर्थन से सत्तारूढ़ पार्टी ‘‘घबरा गई’’ है।

उन्होंने भाजपा पर पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

सावंत ने कहा कि भाजपा के नेता गांधी से उसी तरह भयभीत नजर आ रहे हैं, जैसे मुगल सेना मराठा योद्धाओं संताजी घोरपडे और धनाजी जाधव से होती थी।

सावंत ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा राहुल गांधी से इतनी घबरा गई है कि उसके नेताओं को शायद वह सपने में भी दिखाई देते हैं, जैसे मुगल सेना को संताजी और धनाजी दिखाई देते थे।’’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में प्रयागराज में गांधी के कार्यक्रम स्थल के पास प्रशासन ने मलजल छोड़ दिया ताकि युवाओं को वहां आने से रोका जा सके।

सावंत ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के कार्यक्रम पर कई पाबंदियां लगाई हैं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों ने शुक्रवार को ‘‘मनमानी’’ की।

उन्होंने कहा, ‘‘वे चाहे जितना विरोध करें या बाधाएं पैदा करने की कोशिश करें, जेन जी देश को बता देगा कि भाजपा को नकार दिया गया है।’’

सावंत ने कहा कि गांधी अपनी राजनीतिक राह पर आगे बढ़ते रहेंगे।

इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता महेश तपासे ने एबीवीपी पर पुणे के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्रों के लिए बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि कार्यक्रम पर सवाल उठाकर भाजपा अपने ‘‘बौद्धिक दिवालियापन’’ का परिचय दे रही है।

तपासे ने कहा, ‘‘अगर राहुल गांधी युवाओं और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कर रहे हैं तो भाजपा इससे क्यों डर रही है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘संविधान के तहत नागरिकों को यह तय करने का अधिकार है कि वे किन विचारों को सुनना, स्वीकार करना या खारिज करना चाहते हैं। देश के युवाओं ने अब भाजपा की विचारधारा को खारिज करने का फैसला कर लिया है और इसीलिए भाजपा घबराई हुई है।’’

भाषा सिम्मी रंजन

रंजन