मुंबई, 17 फरवरी (भाषा) यहां की एक सत्र अदालत ने शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत के भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया द्वारा दायर मानहानि मामले में दायर पुनरीक्षण याचिका पर मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
मानहानि के मामले में राउत ने मजिस्ट्रेट द्वारा उन्हें दोषी ठहराए जाने के आदेश को चुनौती दी है। अंतिम बहस के दौरान राउत अदालत में मौजूद थे। एक वकील ने बताया कि न्यायाधीश 23 फरवरी को फैसला सुना सकते हैं।
पिछले साल मजिस्ट्रेट ने राज्यसभा सदस्य राउत को इस मामले में 15 दिन की जेल की सजा सुनाई थी।
मेधा सोमैया ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता राउत के खिलाफ मुकदमे में दावा किया कि उन्होंने मीडिया में उनके और उनके पति के खिलाफ निराधार और पूरी तरह से मानहानिकारक आरोप लगाए, जिसमें उन पर मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण से संबंधित 100 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया गया।
अंतिम बहस के दौरान, राउत के वकील मनोज पिंगले ने कहा कि संबंधित लेखों से किसी की मानहानि नहीं हुई।
मेधा सोमैया की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता लक्ष्मण कनाल ने दलील दी कि एक जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि कोई घोटाला नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह काम 2007 में निविदा के माध्यम से पांच गैर सरकारी संगठनों को सौंपा गया था, जिनमें से एक सोमैया परिवार से जुड़ा हुआ था, और चूंकि परियोजना का कुल मूल्य 22 करोड़ रुपये था, इसलिए 100 करोड़ रुपये का घोटाला हो ही नहीं सकता।
भाषा आशीष रंजन
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