मुंबई, 17 फरवरी (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के नेता सचिन सावंत ने मंगलवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुंबई इकाई के अध्यक्ष अमित सातम ने पहले यहां एक सड़क का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखने के प्रस्ताव का समर्थन किया था लेकिन अब राजनीतिक कारणों से अपना रुख बदल लिया।
सावंत ने सातम के उस दावे को खारिज कर दिया कि 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान के नाम का भाजपा ने हमेशा विरोध किया था। उन्होंने इसे ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ करार दिया।
कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले सप्ताह विवाद शुरू होने के बाद सातम ने भी सपकाल पर निशाना साधा था।
भाजपा नेता ने मंगलवार को कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने के लिए सपकाल को ‘अपनी नाक जमीन पर रगड़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए’।
कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रवक्ता सावंत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि सातम ने पहले मुंबई में एक सड़क का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखने के प्रस्ताव का समर्थन किया था।
उन्होंने सातम के उस दावे को भी खारिज कर दिया कि इस नाम का हमेशा विरोध होता रहा। सावंत ने इसे ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ और राजनीतिक कारणों से रुख में बदलाव बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठनों ने ऐतिहासिक रूप से टीपू सुल्तान की विरासत को स्वीकार किया और यहां तक कि युवा पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित भी किया है।
सावंत ने दशकों पहले आई बाल प्रकाशन श्रृंखला ‘भारत भारती’ का उदाहरण दिया, जिसमें लगभग 1970 में टीपू सुल्तान पर एक पुस्तक प्रकाशित हुई थी।
उन्होंने दावा किया कि टीपू सुल्तान का वर्तमान विरोध ऐतिहासिक तथ्यों में किसी बदलाव के कारण नहीं बल्कि ‘ध्रुवीकरण की राजनीति’ से प्रेरित है। कांग्रेस नेता ने कहा, “इतिहास नहीं बदला बल्कि राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं।”
कांग्रेस नेता ने भाजपा और आरएसएस पर चुनावी लाभ के लिए ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया।
भाषा जितेंद्र मनीषा
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