महाराष्ट्र : दिव्यांगता को दी मात, नांदेड़ के किशोर ने पैरों से लिख कर दी 12वीं की परीक्षा

Ads

महाराष्ट्र : दिव्यांगता को दी मात, नांदेड़ के किशोर ने पैरों से लिख कर दी 12वीं की परीक्षा

  •  
  • Publish Date - February 13, 2026 / 02:51 PM IST,
    Updated On - February 13, 2026 / 02:51 PM IST

नांदेड़, 13 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के लाखों विद्यार्थियों की तरह सूरज शिवराज उबाले राज्य बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जो मंगलवार से शुरू हुई है। अंतर सिर्फ इतना है कि वह उत्तर पुस्तिका में पैरों से लिख रहे हैं, क्योंकि उनके दोनों हाथ नहीं हैं।

गडेगांव गांव के निवासी उबाले जिले के कंधार कस्बा स्थित श्री शिवाजी कॉलेज में हायर सेकेंडरी सर्टिफिकेट (एचएससी) परीक्षा दे रहे हैं।

परीक्षा के पहले दिन उन्होंने शांत भाव से अपनी सीट पर संतुलन बनाते हुए पैरों की उंगलियों के बीच पेन थामा और अंग्रेजी के प्रश्नपत्र का उत्तर लिखना शुरू किया, जिसे देखकर अन्य परीक्षार्थी और पर्यवेक्षक हैरान रह गए।

उनके पास परीक्षा में लेखक (स्क्राइब) की सुविधा लेने का विकल्प था, लेकिन उनके माता-पिता का कहना है कि उन्होंने स्वयं ही लिखने का निर्णय लिया।

उप तहसीलदार उर्मिला कुलकर्णी, केंद्र अधीक्षक अशोक वरपड़े, प्राचार्य मुरलीधर घोरबंद सहित अन्य अधिकारियों ने उनके जज्बे की सराहना की।

सूरज के पिता शिवराज उबाले ने कहा, ‘‘मेरा बेटा जन्म से ही दिव्यांग है। उसके पैर ही उसके हाथ हैं। उसने 10वीं की परीक्षा में 64 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। उसका संघर्ष समाज के लिए प्रेरणा है और मुझे उस पर गर्व है।’’

प्राचार्य ने कहा, ‘‘वह परीक्षा में उत्तर लिखने के लिए लेखक रख सकता था, लेकिन उसने साहस और सम्मान के साथ अपनी दिव्यांगता पर विजय पाने का रास्ता चुना। उसका संकल्प सचमुच प्रशंसनीय है।’’

भाषा मनीषा सुभाष

सुभाष