मुंबई, 12 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री (शहर) योगेश कदम ने बृहस्पतिवार को कहा कि विधान भवन और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) सहित प्रमुख इमारतों पर ‘‘मिसाइल और बम हमलों’’ की धमकी भरे ईमेल को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
कांग्रेस ने मामले की गहन जांच की मांग की।
विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने कहा कि विधान परिषद के आधिकारिक ईमेल खाते पर सुबह छह बजकर 57 मिनट पर प्राप्त इस ईमेल में विधान भवन परिसर, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, मुंबई उच्च न्यायालय, मुंबई मेट्रो और एक बैंक पर संभावित हमलों का जिक्र किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर विधान भवन परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।
दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन में इस समय बजट सत्र जारी है और परिसर को सुरक्षित बताया गया है।
पत्रकारों से बातचीत में कदम ने कहा कि अधिकारी ईमेल के स्रोत और प्रेषक की पहचान का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “इस तरह के फर्जी ईमेल कभी-कभी आते रहते हैं, लेकिन विधान भवन सुरक्षित है। पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी है, लेकिन इस ईमेल को उस संघर्ष से जोड़ना सही नहीं होगा। मुंबई और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा की समीक्षा की गई है।”
मंत्री ने कहा कि ईमेल के स्रोत का अभी तक पता नहीं चल पाया है और पहले भी इस तरह के संदेश प्राप्त हो चुके हैं।
उन्होंने कहा, “ईमेल में जिन-जिन स्थानों का उल्लेख किया गया है, वहां सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।”
विधान भवन परिसर में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता विजय वडेट्टीवार ने संवाददाताओं से कहा कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल सैना द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को देखते हुए इस ईमेल को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
वडेट्टीवार ने कहा, “जब भी इस तरह के ईमेल प्राप्त होते हैं, तो यह स्वाभाविक है कि सरकार सतर्क रहे ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।”
उन्होंने भारत की खुफिया व्यवस्था की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इजराइल यात्रा समाप्त होने के तुरंत बाद यह संघर्ष शुरू हुआ।
भाषा खारी नरेश
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