Ambikapur Land Mafia Scam: CG के इस जिले में जमीन का बड़ा फर्जीवाड़ा, फर्जी डेथ सर्टिफिकेट का इस तरह किया इस्तेमाल कि राजस्व विभाग भी नहीं पकड़ पाया

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Ambikapur Land Mafia Scam: अंबिकापुर में जमीन माफिया जमीन हथियाने में गजब का खेल कर रहे हैं। यहां फर्जी डेथ सर्टिफिकेट के जरिये जमीन की रजिस्ट्री कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

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  • Publish Date - April 30, 2026 / 04:12 PM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 04:28 PM IST

AMBIKAPUR NEWS/ IMAGE SOURCE: IBC24

HIGHLIGHTS
  • फर्जी डेथ सर्टिफिकेट से जमीन हड़प
  • करोड़ों की जमीन रजिस्ट्री सवालों में
  • निगम सर्टिफिकेट में टेम्परिंग खुलासा

Ambikapur Land Mafia Scam: अंबिकापुर: अंबिकापुर में जमीन माफिया जमीन हथियाने में गजब का खेल कर रहे हैं। यहां फर्जी डेथ सर्टिफिकेट के जरिये जमीन की रजिस्ट्री कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आईबीसी 24 की पड़ताल में खुलासा हुआ कि निगम से जारी डेथ सर्टिफिकेट में टेम्परिंग कर फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनाया गया और हैरत की बात ये है कि राजस्व विभाग ने इसकी बिना पड़ताल किए जमीन की फौती चढ़ा दी और एक हफ्ते के भीतर इस करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री भी हो गई। अब इस मामले के खुलासे के बाद न सिर्फ जांच व कार्रवाई की मांग की जा रही है बल्कि निगम भी इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए पुलिस से ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहा है। पेश है एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।

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fake death certificate: फर्जी डेथ सर्टिफिकेट से जमीन हड़प

ये है नए बस स्टैंड से लगी हुई रिंग बांध इलाके की वो जमीन जो अब आजाद इराकी नाम के व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, मगर इस जमीन की रजिस्ट्री से लेकर जमीन की फौती तक की प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। दरअसल ये जमीन जयलाल के नाम पर दर्ज थी, जिसके फौती चढ़ाने यानी जमीन इनके परिवार वालों के नाम पर चढ़ाने के लिए जयलाल की 1 नहीं बल्कि 2 डेथ सर्टिफिकेट पेश किए गए। जब आईबीसी 24 ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि एक डेथ सर्टिफिकेट जो निगम से जारी होना बताया जा रहा है, वो वास्तव में अंबिकापुर के कामता प्रसाद श्रीवास्तव की मृत्यु पर जारी की गई थी, मगर जमीन दलालों ने इसकी टेम्परिंग कर इसे जयलाल का डेथ सर्टिफिकेट बना दिया। ऐसे में निगम भी मान रहा है कि उसने सही व्यक्ति के नाम सर्टिफिकेट जारी किया था, लेकिन जमीन दलालों ने फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर लिया।

property fraud ambikapur: निगम सर्टिफिकेट में टेम्परिंग खुलासा

इस मामले के सामने आने के बाद राजस्व विभाग की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है क्योंकि फर्जी डेथ सर्टिफिकेट में जो व्यक्ति पहचानकर्ता था, वही अब जमीन मालिक है और उसी के नाम पर रजिस्ट्री की गई है। कुछ महीनों में जमीन जयलाल के नाम से उनके वंशजों को स्थानांतरित की गई और फिर एक हफ्ते के भीतर ही आजाद इराकी के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी गई। शिकायतकर्ता कैलाश मिश्रा इस पूरे मामले में राजस्व विभाग की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की इस जमीन को हथियाने के लिए कई खेल खेले जाने की बात सामने आ रही है और अब देखना होगा कि जांच में क्या खुलासे होते हैं।

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मामला किस जमीन से जुड़ा है?

डेथ सर्टिफिकेट में टेम्परिंग की गई।

फर्जी दस्तावेज कैसे बनाए गए?

रिंग बांध इलाके की जमीन से।

रजिस्ट्री कितने समय में हुई?

सिर्फ एक हफ्ते के भीतर।