आठवें यौन शोषण मामले में ‘ढोंगी बाबा’ खरात को अदालत ने जेल भेजा

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आठवें यौन शोषण मामले में ‘ढोंगी बाबा’ खरात को अदालत ने जेल भेजा

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  • Publish Date - April 30, 2026 / 04:26 PM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 04:26 PM IST

नासिक, 30 अप्रैल (भाषा) नासिक जिला अदालत ने महिलाओं के यौन शोषण से जुड़े आठवें मामले में पकड़े गए ‘ढोंगी बाबा’ अशोक खरात को पुलिस रिमांड में सौंपने की याचिका खारिज करते हुए बृहस्पतिवार को 12 मई तक जेल भेज दिया।

उत्तरी महाराष्ट्र में नासिक पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 29 अप्रैल को आठवें मामले में खरात की हिरासत की मांग करते हुए अदालत में एक याचिका दायर की थी।

अदालत द्वारा आवश्यक अनुमति दिए जाने के बाद, एसआईटी ने खरात को हिरासत में ले लिया। खरात अपने खिलाफ दर्ज यौन शोषण के सातवें मामले के सिलसिले में जेल में था।

बलात्कार और वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित एक दर्जन प्राथमिकियों में नामजद ‘ढोंगी बाबा’ को सुरक्षा कारणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बी एन इचपुरानी के समक्ष आठवें मामले में पेश किया गया।

पुलिस के मुताबिक, आठवें मामले में खरात पर पारिवारिक समस्याओं के समाधान की तलाश में आई एक महिला का यौन शोषण करने का आरोप है।

सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने नवीनतम मामले में आरोपी की पुलिस हिरासत की मांग की।

हालांकि, बचाव पक्ष ने इस मांग का कड़ा विरोध किया और तर्क दिया कि एसआईटी हर बार पुलिस हिरासत के लिए एक ही कारण बता रही है और उसकी याचिका स्वीकार करने का कोई ठोस आधार नहीं है।

अदालत ने बचाव पक्ष के तर्क को स्वीकार करते हुए खरात को आठवें मामले में 12 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

एसआईटी शुक्रवार को खरात को फिर से अदालत में पेश करेगी और नौवें मामले में उसकी पुलिस हिरासत मांगेगी।

चूंकि ‘ढोंगी बाबा’ को आठवें मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया है इसलिए उसे नासिक रोड केंद्रीय जेल ले जाया जाएगा और एसआईटी वहां से उसकी हिरासत लेगी।

इस बीच, खरात की चौथे मामले में न्यायिक हिरासत बृहस्पतिवार को समाप्त हो गई। आरोपी को 18 अप्रैल को महिलाओं के यौन शोषण के चौथे मामले में 30 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

इसी से संबंधित एक घटनाक्रम में, एसआईटी ने बुधवार को नासिक के ‘कनाडा कॉर्नर’ इलाके में खरात के कार्यालय की तलाशी ली, पंचनामा तैयार किया और कार्यालय को फिर सील कर दिया गया।

राजनीतिक पहुंच वाले खरात को पहली बार 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था जब एक महिला ने आरोप लगाया था कि उसने तीन साल तक उसके साथ बार-बार बलात्कार किया था।

खरात पर आरोप है कि उसने दैवीय शक्तियों और काले जादू का ज्ञान होने का दावा कर कई महिलाओं का यौन शोषण किया एवं बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी भी की।

एसआईटी नासिक और अहिल्यानगर जिलों में खरात के खिलाफ दर्ज यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच कर रही है।

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश