फडणवीस ने माओवादी आतंक के आखिरी निशानों को मिटाने के लिए गडचिरोली पुलिस को सराहा

फडणवीस ने माओवादी आतंक के आखिरी निशानों को मिटाने के लिए गडचिरोली पुलिस को सराहा

फडणवीस ने माओवादी आतंक के आखिरी निशानों को मिटाने के लिए गडचिरोली पुलिस को सराहा
Modified Date: February 19, 2026 / 07:44 pm IST
Published Date: February 19, 2026 7:44 pm IST

मुंबई, 19 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा समन्वित अभियान में 44 नक्सली स्मारकों को ध्वस्त किए जाने के एक दिन बाद गडचिरोली जिले से माओवादी आतंक के आखिरी निशान भी मिटा दिए गए हैं।

फडणवीस ने एक बयान में ‘गडचिरोली के बहादुर पुलिस बल’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अभियान केवल भौतिक ढांचों को ध्वस्त करने तक सीमित नहीं था बल्कि वर्षों से लोगों के मन में बसे डर के माहौल पर एक निर्णायक लोकतांत्रिक विजय का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि इन ढांचों का विध्वंस गडचिरोली से वामपंथी उग्रवाद के उन्मूलन की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति बहाल करने, सुरक्षा को मजबूत करने और विकास को गति देने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि माओवादियों ने दूरदराज व भीतरी वन क्षेत्रों में ये स्मारक स्थानीय नागरिकों में भय फैलाने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बनाए थे। फडणवीस ने कहा कि सुरक्षा अभियान, आत्मसमर्पण पहल, विकास परियोजनाएं और जनता का बढ़ता विश्वास सहित निरंतर माओवादी विरोधी नीतियों ने जिले की स्थिति में बड़ा बदलाव लाया है।

उन्होंने कहा कि गडचिरोली पुलिस ने माओवादी आतंक के अंतिम निशानों को भी मिटा दिया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला पुलिस, महाराष्ट्र पुलिस के विशिष्ट सी-60 कमांडो, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और विशेष इकाइयों के संयुक्त अभियान में लगभग 800 कर्मियों ने बुधवार को एक विशेष अभियान चलाया।

केंद्र सरकार ने देश में नक्सलवाद के खतरे को खत्म करने के लिए 31 मार्च, 2026 की समय सीमा तय की है।

भाषा जितेंद्र वैभव

वैभव


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