पोत पर हमले में मारे गए पुणे के ‘मर्चेंट नेवी’ इंजीनियर का परिवार कर रहा शव का इंतजार

पोत पर हमले में मारे गए पुणे के ‘मर्चेंट नेवी’ इंजीनियर का परिवार कर रहा शव का इंतजार

पोत पर हमले में मारे गए पुणे के ‘मर्चेंट नेवी’ इंजीनियर का परिवार कर रहा शव का इंतजार
Modified Date: July 15, 2026 / 02:45 pm IST
Published Date: July 15, 2026 2:45 pm IST

पुणे, 15 जुलाई (भाषा) ओमान तट के पास साइप्रस के ध्वज वाले एक वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले में मारे गए पुणे के 30 वर्षीय इंजीनियर हेरंभ करमरकर का परिवार उनका शव भारत लाए जाने का इंतजार कर रहा है।

कंटेनर पोत ‘जीएफएस गैलेक्सी’ पर रविवार तड़के उस समय हमला हुआ था, जब वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था।

करमरकर के परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह हमले के समय पोत पर सवार थे।

उन्होंने बताया कि हमले में उनकी मौत के बाद से उनका शव ओमान की नौसेना के पास है।

करमरकर के ससुर विवेक टंडन ने बुधवार को कहा, ‘‘हम उनके शव का इंतजार कर रहे हैं जो अभी ओमान की नौसेना के पास है। हेरंभ पिछले पांच महीने से इस पोत पर तैनात थे और उनकी तैनाती की अवधि जल्द ही पूरी होने वाली थी।’’

टंडन ने बताया कि करमरकर के परिवार में उनकी पत्नी, मां और छोटी बहन हैं। उन्होंने ब्रिटेन स्थित ‘सिटी ऑफ ग्लासगो कॉलेज’ से समुद्री इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद ‘मर्चेंट नेवी’ में नौकरी शुरू की थी।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा


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