मुंबई, तीन जून (भाषा) भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन उद्योग से जुड़े संगठन ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज’ (एफडब्ल्यूआईसीई) ने बुधवार को कहा कि उसने अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ जारी असहयोग निर्देश वापस ले लिया है।
एफडब्ल्यूआईसीई ने 25 मई को यह निर्देश जारी किया था। यह कदम अभिनेता द्वारा फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से खुद को अलग किए जाने के बाद उठाया गया था। हालांकि, रणवीर सिंह की ओर से संगठन को कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद इसे वापस लेने का फैसला किया गया।
यह निर्णय ‘इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन’ (आईएमपीपीए), ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ (पीजीआई) और ‘सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन’ (सीआईएनटीएए) के हस्तक्षेप के बाद लिया गया।
एफडब्ल्यूआईसीई के अध्यक्ष बी. एन. तिवारी ने पत्रकारों से कहा, “आईएमपीपीए, पीजीआई और सीआईएनटीएए के अनुरोध पर हम असहयोग संबंधी अपना निर्देश तत्काल प्रभाव से वापस ले रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “हमसे कहा गया है कि फिल्म निर्माताओं के संगठनों के साथ बैठकर ऐसा उचित निर्णय लिया जाना चाहिए, जिससे निर्माताओं, निर्देशकों और कलाकारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।”
तिवारी ने कहा कि एफडब्ल्यूआईसीई का कानूनी विभाग अभिनेता के नोटिस का जवाब देगा।
एफडब्ल्यूआईसीई ने संबंधित निर्देश उस समय जारी किया था जब फरहान अख्तर और उनके निर्माता सहयोगी रितेश सिधवानी ने ‘इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन’ (आईएफटीडीए) में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद आईएफटीडीए ने मामले को कार्रवाई के लिए एफडब्ल्यूआईसीई को सौंप दिया था।
लोकप्रिय फ्रेंचाइजी की अगली फिल्म ‘डॉन 3’ कथित तौर पर पिछले तीन वर्षों से निर्माण के विभिन्न चरणों में है और इसकी शूटिंग अभी शुरू नहीं हुई है। निर्माताओं का दावा है कि फिल्म के निर्माण से पहले ही इस पर 45 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।
इससे पहले रणवीर सिंह के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा था कि अभिनेता के मन में इस फिल्म और फिल्म उद्योग से जुड़े सभी लोगों के प्रति गहरा सम्मान और सद्भावना है।
बयान में कहा गया था, “ ‘डॉन 3’ से जुड़े हालिया घटनाक्रम के दौरान अभिनेता जानबूझकर चुप रहे। उनका मानना है कि पेशेवर चर्चाओं और व्यक्तिगत संबंधों को गरिमा, परिपक्वता और आपसी सम्मान के साथ संभालना ही सबसे बेहतर तरीका है।”
भाषा प्रचेता नेत्रपाल
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