नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) साधारण बीमा कंपनियों से मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) के इस्तीफा देकर उद्यम क्षेत्र में कदम रखने का चलन बढ़ रहा है, जो इस क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।
भारत अब भी एक ऐसा बाजार हैं जहां इस क्षेत्र में पर्याप्त गुंजाइश है।
इस क्षेत्र के कुछ सबसे अनुभवी पेशेवरों ने स्थापित संस्थानों को छोड़कर निजी क्षेत्र की कंपनियों से वित्तीय सहायता प्राप्त की है।
टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस के पूर्व प्रबंध निदेशक एवं सीईओ नीलेश गर्ग ने अमेरिका स्थित निजी फर्म वेस्टब्रिज कैपिटल के साथ मिलकर ‘कीवी जनरल इंश्योरेंस’ की स्थापना की है। इस कंपनी में वेस्टब्रिज की लगभग 70 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि गर्ग के पास 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
भारतीय बीमा नियामक विकास प्राधिकरण (इरडा) ने मार्च, 2026 में कंपनी को पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया था।
एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस के एमडी एवं सीईओ अनुज त्यागी ने तीन महीने बाद उद्यमी बनने की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए इस्तीफा दे दिया।
इसके बाद अनूप राउ ने जनरली सेंट्रल इंश्योरेंस के एमडी एवं सीईओ के पद से सात साल के कार्यकाल के बाद इस वर्ष मार्च में इस्तीफा दे दिया। इस दौरान कंपनी ने स्वामित्व पुनर्गठन, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के साथ संयुक्त उद्यम और ब्रांड परिवर्तन जैसे बड़े बदलावों का सामना किया।
उद्योग जगत के सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि राउ भी बीमा क्षेत्र में नयी इकाई या साझेदारी के विकल्प तलाश रहे हैं।
इसके अलावा आने वाले महीनों में एक और साधारण बीमा कंपनी से सीईओ के इस्तीफे की संभावना है।
भाषा यासिर अजय
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