उच्च न्यायालय ने तिरंगे का अपमान करने के आरोपी बुजुर्ग के खिलाफ मामला खारिज किया
उच्च न्यायालय ने तिरंगे का अपमान करने के आरोपी बुजुर्ग के खिलाफ मामला खारिज किया
मुंबई, 24 फरवरी (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने राष्ट्र ध्वज का अपमान करने के आरोपी 85 वर्षीय व्यक्ति के खिलाफ दायर एक मामले को यह कहते हुए रद्द कर दिया है कि जिस समारोह में तिरंगा उल्टा फहराया गया वहां उनकी ‘महज उपस्थिति’ अपराध नहीं है।
न्यायमूर्ति अश्विन भोबे की एकल पीठ ने सोमवार को कहा कि यह कोई मामला नहीं बनता है। न्यायमूर्ति भोबे ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह पता चले कि अस्सी वर्षीय व्यक्ति का राष्ट्र ध्वज का अपमान करने का इरादा था।
उच्च न्यायालय ने कहा कि आरोपी अपने आवासीय परिसर में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान मात्र उपस्थित था।
बुजुर्ग के खिलाफ जनवरी 2017 में उपनगरीय तिलक नगर थाने में राष्ट्र सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।
शिकायत के अनुसार, आरोपी समेत आवासीय परिसर के लोग गणतंत्र दिवस समारोह के लिए अपनी हाउसिंग सोसायटी में एकत्रित हुए थे।
शाम को, इलाके में गश्त कर रही पुलिस ने देखा कि तिरंगा उल्टा फहराया गया है, जिसके बाद वरिष्ठ नागरिक और सोसाइटी के पांच अन्य निवासियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
आरोपी ने अपने बयान में कहा कि वह एक वरिष्ठ नागरिक है और उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित है। उसने दावा किया कि झंडा फहराने वाला व्यक्ति वह नहीं था, बल्कि वह समारोह में केवल उपस्थित था।
भाषा
राजकुमार माधव
माधव

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