अच्छे स्कूलों की मांग को सरकार विरोधी विमर्श कैसे कहा जा सकता है : दीपके

अच्छे स्कूलों की मांग को सरकार विरोधी विमर्श कैसे कहा जा सकता है : दीपके

अच्छे स्कूलों की मांग को सरकार विरोधी विमर्श कैसे कहा जा सकता है : दीपके
Modified Date: September 4, 2026 / 05:09 pm IST
Published Date: September 4, 2026 5:09 pm IST

नासिक, चार सितंबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सवाल किया है कि अच्छे स्कूलों या उनकी स्थिति में सुधार की मांग करना कैसे सरकार विरोधी विमर्श कहा जा सकता है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से ‘हकीकत जानने’ के लिए सरकारी आवासीय विद्यालयों (आश्रमशालाओं) का दौरा करने का आग्रह किया।

नासिक में प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों से बृहस्पतिवार को मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। दीपके ने कहा कि आदिवासी छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन और शिक्षा में असमानता ‘‘पूरी तरह अस्वीकार्य’’ है।

महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से आए 100 से ज़्यादा आदिवासी छात्र नासिक के ईदगाह मैदान में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से तीन छात्र बेहतर खाने और छात्रों की सुरक्षा समेत कई मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर हैं।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने दीपके का ध्यान सरकारी आवासीय विद्यालयों में शौचालयों की खराब स्थिति, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और शैक्षणिक सुविधाओं की कमी की ओर भी आकर्षित किया। दीपके ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री को हकीकत जानने के लिए आश्रमशालाओं का दौरा करना चाहिए।’’

उन्होंने ‘‘स्कूलों और शैक्षणिक प्रतिष्ठानों के निजीकरण की सरकार की नीति’’ की भी आलोचना की और कहा कि अगर सरकार स्कूलों का निजीकरण करना चाहती है, तो राज्य सचिवालय का भी निजीकरण किया जाना चाहिए।

फडणवीस द्वारा कॉजपा को ‘‘कांग्रेस जिताओ पार्टी’’ बताए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा नेताओं को पहले यह तय करना चाहिए कि कॉजपा आतंकवादियों की ‘बी टीम’ है या कांग्रेस की। अच्छे स्कूलों की मांग करना या उनकी स्थिति में सुधार की बात करना सरकार विरोधी विमर्श कैसे हो सकता है?’’

दीपके ने कहा, ‘‘लोगों ने कांग्रेस को सत्ता से हटा दिया, क्योंकि उसने कुछ नहीं किया। अब आप पिछले 12 वर्षों से सत्ता में हैं। आपको अपने कामों का लेखा-जोखा पेश करना चाहिए।’’

बातचीत के दौरान अनशन कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों में से एक की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। दीपके ने बातचीत रोक दी और छात्र का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंच गए।

नासिक के विवेक गावित, सुरगाणा (नासिक) के राहुल पवार और नंदुरबार की लक्ष्मी जाधव अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने दावा किया है कि राज्य के सरकारी आवासीय विद्यालयों में 592 छात्रों की मौत हो चुकी है। उन्होंने मृत छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की है।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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