नागपुर, 14 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कैंसर को भारत की स्वास्थ्य प्रणाली के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया और कहा कि इसके इलाज से जुड़ा नवाचार हर देश तक पहुंचना चाहिए क्योंकि मानवता की कोई सीमा नहीं होती।
नागपुर के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में ‘ऑन्कोलॉजी बियॉन्ड बॉर्डर्स’ विषय पर आयोजित वैश्विक सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने संदिग्ध मामलों की पहचान करने के तरीकों और बीमारी के शीघ्र उपचार की क्षमता विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में कैंसर के मामले ‘अकल्पनीय’ गति से बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ बीमारियों के उन्मूलन में बहुत अच्छा प्रदर्शन करने वाला भारत जैसा देश दुर्भाग्य से अब कैंसर से जूझ रहा है।
फडणवीस ने कहा, ‘‘फिलहाल कैंसर भारत की स्वास्थ्य प्रणाली के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। यह सिर्फ यहीं नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर हो रहा है।’’
उन्होंने कहा कि अगले दो दशकों में विश्व स्तर पर कैंसर के मामलों में 75 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति ‘बेहद भयावह’ है।
फडणवीस ने बताया कि पिछले पांच वर्ष में महाराष्ट्र में कैंसर के मामलों में 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जो बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि न केवल इस बीमारी से लड़ा जाए, बल्कि इसकी रोकथाम भी की जाए।
उन्होंने कहा कि नए उपचार प्रोटोकॉल के माध्यम से कैंसर का इलाज अधिक किफायती बनाया जाना चाहिए।
फडणवीस ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार उपचार खर्च को कम करने के लिए आयातित कैंसर दवाओं, विकिरण मशीनों और संबंधित उपकरणों पर कर घटा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर के उपचार से जुड़े नवाचार किसी एक संस्थान तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें देश की सीमाओं से परे भी साझा किया जाना चाहिए।
भाषा संतोष जोहेब
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