मुंबई, पांच जून (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को अधिकारियों से मुंबई में नागरिक परिवहन और बिजली प्रदाता कंपनी बीईएसटी के पुनर्विकास के लिए एक खाका तैयार करने को कहा, जिसमें नागरिकों का कल्याण, कर्मचारियों के हित और शहर का दीर्घकालिक विकास प्राथमिक केंद्र हो।
बीईएसटी द्वारा संचालित बस डिपो के आधुनिकीकरण पर एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए, फडणवीस ने कहा कि प्रस्तावित योजना में डिपो के पुनर्विकास, कर्मचारियों के आवास, सार्वजनिक सुविधाओं और परिवहन उपयोगिता की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
उन्होंने चुनिंदा डिपो में मराठी सिनेमा के लिए समर्पित 300-400 सीटों वाले थिएटर स्थापित करने की व्यवहार्यता की जांच करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव तैयार करते समय तीन प्रमुख स्तंभों को ध्यान में रखा जाना चाहिए – जनहित, कर्मचारियों का कल्याण और शहर का दीर्घकालिक विकास।’
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पुनर्विकास प्रक्रिया के तहत बीईएसटी के स्वामित्व वाली भूमि को बेचा नहीं जाएगा।
उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘भूमि और परिसंपत्तियों का स्वामित्व बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन उपक्रम (बीईएसटी) के पास ही रहेगा। विकास कार्य सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल और दीर्घकालिक पट्टे की व्यवस्था के माध्यम से किया जाएगा।’
बैठक के दौरान प्रस्तुत आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बीईएसटी की योजना पीपीपी मॉडल के तहत महानगर में 132 एकड़ में फैले 22 बस डिपो को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ पुनर्विकास करने की है।
प्रस्ताव में 7,000 नई बसों की खरीद, स्मार्ट इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग बुनियादी ढांचे की स्थापना, कर्मचारियों के लिए आवास का निर्माण और वाणिज्यिक परिसरों, रिटेल मॉल, शहरी प्लाजा, आर्ट गैलरी और सार्वजनिक पार्किंग सुविधाओं का विकास शामिल है।
भाषा तान्या रंजन
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