नागपुर/मुंबई, 28 जनवरी (भाषा) विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर बुधवार को गहरा शोक और दुख व्यक्त किया।
पवार की बुधवार सुबह पुणे जिले में बारामती के पास एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि अजित पवार और चार अन्य लोगों को ले जा रहे विमान का दुर्घटनाग्रस्त होना एक हादसा था और इसे राजनीतिक रंग न दिया जाए।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार की असामयिक मृत्यु को अविश्वसनीय बताया और कहा कि उन्होंने एक अच्छा मित्र खो दिया है।
फडणवीस ने कहा कि ‘‘आज’’ (28 जनवरी को) सरकारी अवकाश रहेगा और पवार के सम्मान में तीन दिन का राजकीय शोक रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अजित पवार की मृत्यु से एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। उन्होंने कहा, ‘‘उनके साथ बेहद करीब से काम करने के बाद यह विश्वास कर पाना मुश्किल हो रहा है कि वह अब हमारे बीच नहीं रहे।’’
पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने पवार को एक जननेता बताया जो राज्य को बहुत अच्छी तरह से जानते थे और महाराष्ट्र के मुद्दों की गहरी समझ रखते थे। उन्होंने कहा कि इस तरह का नेतृत्व उभरने में कई साल लग जाते हैं।
फडणवीस ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस त्रासदी के बारे में जानकारी दे दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले और उनके बेटे पार्थ पवार से भी बात की है।
उन्होंने कहा, ‘‘(उपमुख्यमंत्री) एकनाथ शिंदे और मैं दोनों अब बारामती के लिए रवाना हो रहे हैं। जब उनका पूरा परिवार बारामती में इकट्ठा होगा तो हम आगे की जानकारी साझा करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा राज्य पवार परिवार और उनकी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ खड़ा है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अजित पवार के निधन को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिस विमान दुर्घटना में पवार की जान गई, उसकी जांच की जाएगी।
शिंदे ने पत्रकारों से बातचीत में पवार के योगदान की सराहना की, जिन्होंने विभिन्न मंत्रिमंडलों में उनके सहयोगी के रूप में कार्य किया और 2022 से 2024 तक शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री भी रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत पीड़ादायक घटना है… महाराष्ट्र के लिए बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। विमान दुर्घटना की जांच की जाएगी।’’
शिंदे ने कहा, ‘‘यह क्षति केवल पवार परिवार की नहीं बल्कि पूरे राज्य की है। ऐसा लग रहा है जैसे मैंने अपने बड़े भाई को खो दिया हो।’’
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार की असामयिक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया और इसे न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
गडकरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि इस हादसे में पवार की मृत्यु की खबर स्तब्ध करने वाली, दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजित पवार के साथ उनका बेहद घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध रहा है।
उन्होंने कहा, “उन्हें मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि। कई वर्षों तक राज्य विधानमंडल में साथ काम करते हुए मेरी अजित दादा के साथ बहुत घनिष्ठ मित्रता रही। उनकी प्रशासनिक कुशलता, विकास की स्पष्ट दृष्टि और लोगों से सीधे जुड़ने की क्षमता ने महाराष्ट्र की राजनीति में उनका ऐसा स्थान सुनिश्चित किया जिसे कभी कोई और नहीं ले पाएगा।”
गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध इस जननेता की असमय मृत्यु केवल राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि अजित पवार जैसे व्यक्ति का निधन महाराष्ट्र और समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा, ‘यह बिल्कुल अप्रत्याशित था।’
शोक संवेदना व्यक्त करते समय कई नेता भावुक हो गए।
राकांपा ने पवार के निधन को पार्टी और राज्य के लिए ‘काला दिन’ बताया।
राकांपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष एवं लोकसभा सदस्य सुनील तटकरे ने कहा, ‘‘अजित पवार का निधन हमारे परिवार के मुखिया को खोने जैसा है।’’
राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि अजित पवार के निधन से पार्टी ने अपना ‘‘मुख्य स्तंभ’’ खो दिया है।
पटेल ने कहा कि अजित पवार और उन्होंने कई वर्षों तक साथ काम किया तथा उनके बीच राजनीति से परे एक गहरा रिश्ता था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पटेल ने कहा, ‘‘जब भी हम मिलते थे, अजित दादा हमेशा मेरा हालचाल पूछते थे और मुझे अपनी सेहत का ख्याल रखने की सलाह देते थे। हमारा रिश्ता परिवार जैसा था। उनका निधन मेरे लिए एक अपूरणीय क्षति है।’’
राकांपा के वरिष्ठ नेता और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने अजित पवार को एक जीवंत, सदा मुस्कुराने वाला और उदार हृदय वाला व्यक्ति बताया, जिनका निधन राज्य के लिए एक बड़ा झटका है।
राकांपा नेता और पूर्व राज्य मंत्री धनंजय मुंडे ने कहा कि अजित पवार उनके सबसे मजबूत सहयोगी थे और पवार ने कभी उन्हें अपने पिता की कमी महसूस नहीं होने दी।
राकांपा (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि महाराष्ट्र को पवार जैसी गतिशीलता, कार्य नैतिकता और जन-केंद्रित दृष्टिकोण वाला दूसरा नेता कभी नहीं मिलेगा।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने ‘एक्स’ पर कहा, “मेरे मित्र एवं उपमुख्यमंत्री अजित पवार अब हमारे बीच नहीं रहे। महाराष्ट्र की राजनीति ने एक काबिल नेता खो दिया है।”
शिवसेना(उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अजित पवार के निधन पर शोक जताया और कहा कि राकांपा प्रमुख ने भले ही राजनीति में अलग रास्ता चुन लिया था, लेकिन उन्होंने आपसी रिश्तों को कभी खराब नहीं होने दिया।
उद्धव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पवार की मौत से उन्होंने एक दृढ़ नेता और उत्कृष्ट पूर्व कैबिनेट सहयोगी खो दिया है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने कहा कि अजित पवार की मृत्यु से राज्य ने एक ऐसे कुशल प्रशासक को खो दिया है, जो अपनी निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाने जाते थे।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पवार के निधन पर शोक जताया। सपकाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि अजित पवार ने महाराष्ट्र की प्रगति और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनकी मृत्यु राज्य के लिए बड़ी क्षति है।
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने अजित पवार के निधन पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया और कहा कि सार्वजनिक जीवन में दिग्गज नेता के योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा।
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