मुंबई, छह जुलाई (भाषा) शहर की एक अदालत ने सोमवार को लोढ़ा डेवलपर्स के पूर्व निदेशक राजेंद्र लोढ़ा को 181 करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट जमीन धोखाधड़ी मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया। इसने कहा कि इस तरह के अपराधों से वाणिज्यिक और वित्तीय संस्थानों में लोगों का भरोसा कम होता है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पी.ए. सेबल ने कहा कि जांच के दौरान इकट्ठा की गई शुरुआती सामग्री से साजिश में लोढ़ा की कथित अहम भूमिका का पता चलता है।
अभियोजन पक्ष ने एक व्यवस्थित और सुनियोजित आर्थिक साजिश का आरोप लगाया है, जो एक दशक से ज्यादा समय तक चली।
पुलिस ने कहा कि लोढ़ा ने निदेशक के तौर पर अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल करते हुए कंपनी की जमीन अलग-अलग डेवलपर्स को कम कीमत पर गैर-कानूनी तरीके से बेच दी।
हालांकि, लोढ़ा के वकील ने दलील दी कि वह निर्दोष हैं और उन्हें इस मामले में फंसाया गया है।
उनके वकील ने जमानत का आग्रह करते हुए कहा कि लोढ़ा गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिनमें डायबिटीज़, उच्च रक्तचाप और दिल की बीमारी शामिल हैं, और उनकी पहले बाईपास सर्जरी भी हो चुकी है।
अभियोजन पक्ष ने इस याचिका का विरोध करते हुए लोढ़ा को साजिश का ‘‘प्रमुख सूत्रधार’’ बताया।
दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अदालत ने कहा कि आवेदक के खिलाफ़ लगाए गए आरोप ‘‘निस्संदेह गंभीर प्रकृति के’’ हैं।
भाषा नेत्रपाल दिलीप
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