पुणे, 14 सितंबर (भाषा) गुजरात के एक पशु कल्याण केंद्र से लंबे समय बाद पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित एक जैन मठ में लौट कर आई लोकप्रिय हथिनी ‘माधुरी’ को नए माहौल में ढलने में कुछ समय लगेगा।
क्षेत्र में गहरा सम्मान पाने वाली माधुरी शनिवार को गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा से कोल्हापुर के नंदानी गांव स्थित जैन मठ पहुंची। उसके स्वागत के लिए हजारों लोग जुटे और लोगों ने उस पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं। इस दौरान कई लोग उसका नाम लेते हुए भावुक भी हो गए।
मठ के एक पदाधिकारी ने रविवार को कहा, ‘‘माधुरी वापस आ गई है, लेकिन यह जगह उसके लिए नई है। उसे यहां आराम करने में समय लगेगा। उसके लिये नियुक्त महावत के साथ माधुरी को सहज होने के लिए भी समय चाहिए। आगंतुकों एवं स्थानीय लोगों से मिलने के लिए तैयार होने में माधुरी को कुछ वक्त लगेगा।’’
उन्होंने कहा कि माधुरी के लिए दिनचर्या का विस्तृत कार्यक्रम पहले ही तैयार किया जा चुका है। उसके रोजाना व्यायाम, दवाओं और आहार को लेकर भी विस्तृत प्रस्तुति तैयार की गई है।
पदाधिकारी ने कहा, ‘‘मठ ने संयमित स्वागत की योजना बनाई थी, क्योंकि वह करीब एक साल से बड़ी भीड़ से दूर रही है।’’
कोल्हापुर में ‘महादेवी’ के नाम से जानी जाने वाली माधुरी को उच्चाधिकार प्राप्त समिति के निर्देशों के अनुपालन में पिछले साल 30 जुलाई को वंतारा भेजा गया था। समिति के निर्देशों को बंबई उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा था।
पशु कल्याण संगठनों ने चिंता जताई थी कि मठ में दशकों तक सीमित रखे जाने और मंदिर की रस्मों में हिस्सा लेने के कारण माधुरी गठिया, पैरों में लंबे समय से संक्रमण और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं से पीड़ित थी।
समिति ने नौ सितंबर 2026 को माधुरी को कोल्हापुर लौटने की अनुमति दे दी।
भाषा मनीषा रंजन
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