Wine Shops Closed for 10 Days on Ganesh Chaturthi 2026: गणेश पक्ष के दौरान पूरे 10 दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, प्रशासन ने जारी किया आदेश, फैसले पर हाईकोर्ट के जज ने कहा- 10 दिनों में तो बीमार हो जाएंगे…

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Wine Shops Closed for 10 Days on Ganesh Chaturthi 2026: गणेश पक्ष के दौरान पूरे 10 दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, प्रशासन ने जारी किया आदेश, फैसले पर हाईकोर्ट के जज ने कहा- 10 दिनों में तो बीमार हो जाएंगे…

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 04:39 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 04:40 PM IST

Wine Shops Closed for 10 Days on Ganesh Chaturthi 2026: गणेश पक्ष के दौरान पूरे 10 दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, प्रशासन ने जारी किया आदेश, फैसले पर हाईकोर्ट के जज ने कहा- 10 दिनों में तो बीमार हो जाएंगे… / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • 10 दिनों तक शराब की दुकानें बंद रखने के आदेश
  • कोर्ट ने पूछा कि जब पूरे महाराष्ट्र में ऐसी पाबंदी नहीं है तो सिर्फ पुणे जिले को ही क्यों चुना गया?
  • अचानक शराब नहीं मिलने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी जताई

पुणे: Wine Shops Closed for 10 Days on Ganesh Chaturthi 2026 गणेश पूजा की बात तो सबसे पहले महाराष्ट्र का नाम सामने आता है। महाराष्ट्र में गणेश पूजा बेहद धूम-धाम से मनाया जाता है। गणेश चतुर्थ के दौरान महाराष्ट्र का कोई शहर ऐसा नहीं रहता जहां भीड़ ना दिखाई दे। ऐसे में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुणे जिला प्रशासन ने पूरे गणेश पर्व के दौरान 10 दिनों तक शराब की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है। लेकिन दूसरी ओर प्रशासन के इस फैसले पर हाईकोर्ट ने आपत्ति जताई है। कोर्ट ने प्रशासन से पूछा है कि पूछा कि सिर्फ एक जिले को ही क्यों चुना गया, जबकि मुंबई सहित महाराष्ट्र के किसी भी जिले में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को यह आदेश वापस ले लेना चाहिए वरना कोर्ट को दखल देना पड़ेगा।

गणेश पूजा के दौरान 10 दिन शराब दुकान बंद

Wine Shops Closed for 10 Days on Ganesh Chaturthi 2026 मामले में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि अदालत ऐसी व्यापक पाबंदी की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना हो सकता है, लेकिन शराब पीने वाले प्रत्येक व्यक्ति को संभावित कानून-व्यवस्था की समस्या मान लेना उचित नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि यदि शराब पर इतने लंबे समय के लिए पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाता है तो इसके दूसरे स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।

अस्पतालों में बढ़ सकती है भीड़

चीफ जस्टिस ने कहा कि नियमित और शराब के आदी लोगों को अचानक शराब न मिलने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं और ऐसे हालात में अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ सकती है। चीफ जस्टिस ने कहा कि बिना किसी तर्कसंगत आधार के व्यापक प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान कोई व्यक्ति शराब का सेवन कर उत्साह में सड़कों पर निकलता है, तो सिर्फ इस आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि वह कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा करेगा। हालांकि, अदालत ने साथ ही स्पष्ट किया कि शराब पी हो या नहीं, यदि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली स्थिति पैदा करता है तो उसे कानून के मुताबिक कार्रवाई का सामना करना ही होगा।

कोर्ट ले सकती है कड़ा फैसला

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस तथ्य को भी गंभीरता से लिया कि 10 दिनों की शराबबंदी पूरे महाराष्ट्र में नहीं बल्कि केवल पुणे जिले के लिए लागू की गई। इस पर अदालत ने सवाल उठाया कि केवल एक शहर या जिले के खिलाफ ऐसा आदेश जारी करने से सरकार आखिर क्या संदेश देना चाहती है। खंडपीठ ने कहा कि वह पुणे के लिए इस तरह के 12 दिन के शराब प्रतिबंध के आदेश से गंभीर रूप से असहमत है। अदालत ने राज्य सरकार को मामले में उचित निर्देश लेकर आने को कहा और संकेत दिया कि ऐसा नहीं होने पर हाईकोर्ट उचित आदेश पारित कर सकता है।

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Pune Liquor Ban का मामला क्या है?

गणेशोत्सव के दौरान पुणे जिले में कई दिनों तक शराब की दुकानें बंद रखने के प्रशासनिक आदेश को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जहां अदालत ने इस व्यापक पाबंदी पर सवाल उठाए।

Pune Liquor Ban पर हाईकोर्ट ने क्या सवाल उठाया?

हाईकोर्ट ने पूछा कि जब महाराष्ट्र के अन्य जिलों और मुंबई में ऐसी व्यापक पाबंदी नहीं है तो सिर्फ पुणे जिले के लिए ऐसा आदेश क्यों जारी किया गया।

क्या गणेशोत्सव में पुणे की शराब दुकानें बंद रहेंगी?

मामले में हाईकोर्ट ने प्रशासनिक आदेश पर आपत्ति जताई है और राज्य सरकार से उचित निर्देश लेकर आने को कहा है। अंतिम स्थिति आगे की कानूनी कार्रवाई और आदेश पर निर्भर करेगी।

Pune Liquor Ban मामले में स्वास्थ्य संबंधी चिंता क्यों जताई गई?

सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि शराब के आदी लोगों को अचानक शराब नहीं मिलने से कुछ मामलों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

क्या शराब पीने पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी?

हां, अदालत ने स्पष्ट किया कि शराब पी हो या नहीं, यदि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था बिगाड़ता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।