जालना, 29 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के जालना में ब्राह्मण समुदाय की लंबित विभिन्न मांगों के समाधान को लेकर एक कार्यकर्ता ने शनिवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की।
कार्यकर्ता दीपक रणनवारे ने शहर के महात्मा गांधी चमन में यह आंदोलन शुरू किया।
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि ब्राह्मण समुदाय की समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए वह इससे पहले भी जालना में दो बार भूख हड़ताल कर चुके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद राज्य सरकार ने समुदाय की शिकायतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
दीपक ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में ब्राह्मण समुदाय के छात्र-छात्राओं के लिए मुफ्त शिक्षा और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जरूरी संसाधनों से लैस प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के केंद्र स्थापित करना शामिल है।
उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के लिए आय सीमा को आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की भी मांग की।
दीपक ने हर जिले में ब्राह्मण छात्रों के लिए छात्रावास और परशुराम भवन बनाने तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम जैसे कानून की तर्ज पर ब्राह्मण समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा के लिए एक विशेष कानून बनाने की मांग की।
उनकी एक अन्य प्रमुख मांग परशुराम आर्थिक विकास महामंडल के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान करने की है, ताकि ब्राह्मण समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को कारोबार शुरू करने और अन्य आजीविका गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता दी जा सके।
उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से ऐसी व्यवस्था बनाने की भी मांग की, जिससे योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन हो सके और पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द उनका लाभ मिल सके।
भाषा जितेंद्र पवनेश
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