जालना, 28 अगस्त (भाषा) आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने अंतरवाली सराटी गांव में प्रस्तावित अनशन से एक दिन पहले शुक्रवार को मराठा समुदाय के सदस्यों से जुटने का आह्वान किया और चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो वे मुंबई की ओर मार्च करेंगे।
जरांगे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल पर निशाना साधा। राधाकृष्ण विखे पाटिल मराठा आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर बनी उप-समिति के अध्यक्ष हैं।
जरांगे ने आरोप लगाया कि जिन पात्र मराठाओं के रिकॉर्ड मिल चुके हैं, उन्हें कुनबी (ओबीसी) प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सरकार पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है।
उन्होंने समुदाय के सदस्यों से आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों के कुनबी प्रमाणपत्र के आवेदन स्वीकार नहीं किए गए हैं और साथ ही जिनके रिकॉर्ड मिल चुके हैं लेकिन प्रमाणपत्र जारी नहीं किए गए हैं, वे अंतरवाली सराटी गांव पहुंचें।
जरांगे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘घर पर मत बैठे रहिए। अपने बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए बाहर आइए।’’
आरक्षण कार्यकर्ता ने विखे पाटिल पर कटाक्ष करते हुए मराठा आरक्षण के मुद्दे की जटिलताओं को समझने की उनकी क्षमता पर सवाल उठाया।
जरांगे ने कहा, ‘‘विखे पाटिल मुख्य रूप से चीनी मिलों से जुड़े मामलों को लेकर चिंतित रहते हैं। उन्हें कुछ भी पता नहीं है और कारखानों के अलावा वे कुछ भी नहीं समझते।’’
उन्होंने राजस्व मंत्री एवं भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले द्वारा कथित रूप से रिकॉर्ड की पहचान की संख्या को लेकर दिए गए बयान का भी जिक्र किया।
जरांगे ने ‘महायुति’ सरकार से समुदाय की मांगों को पूरा करने के लिए उचित शासनादेश (जीआर) जारी करने का आग्रह किया।
उन्होंने मंत्रियों राधाकृष्ण विखे पाटिल, उदय सामंत और शंभूराज देसाई का नाम लेते हुए कहा, ‘‘मराठाओं के लिए उचित जीआर जारी करें। अन्यथा, हम आपको सत्ता में नहीं रहने देंगे और फिर आपके हाथों में कोई अधिकार नहीं रहेगा।’’
जरांगे ने कहा कि आंदोलन अंतरवाली सराटी में होगा। उन्होंने कहा, ‘‘यदि सरकार हमारी मांगों को स्वीकार करने में विफल रहती है, तो हम मुंबई में आंदोलन करेंगे।’’
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देवेंद्र नरेश
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