लातूर, सात मई (भाषा) महाराष्ट्र के बीड जिले के पूर्व कलेक्टर अविनाश पाठक को 241 करोड़ रुपये के भूमि अधिग्रहण मुआवजे के कथित घोटाले के सिलसिले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि 2013 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी पाठक (55) को बृहस्पतिवार सुबह बीड पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने लातूर में गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, बीड के शिवाजीनगर थाने में पाठक सहित 10 लोगों के खिलाफ फर्जी भूमि अधिग्रहण मुआवजे के आदेशों के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने बताया कि बीड जिले से पाठक का तबादला होने के बाद भी उनके नाम, पदनाम और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करके फर्जी मुआवजे की मंजूरी जारी की गई थी।
लातूर के मूल निवासी पाठक ने इससे पहले कोरोना महामारी के दौरान लातूर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर के रूप में कार्य किया था। उन्होंने धराशिव जिले में भूमि अधिग्रहण अधिकारी के रूप में भी काम किया।
मामले की जांच के लिए नियुक्त समिति द्वारा की गई शुरुआती जांच के अनुसार, एक मार्च 2025 से 17 अप्रैल 2025 तक की अवधि के दौरान जारी किए गए फर्जी आदेशों के 154 मामले सामने आए जिनमें तत्कालीन कलेक्टर पाठक के नाम, पदनाम और हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया था।
इन 154 मामलों में लगभग 241.62 करोड़ रुपये के बढ़ाए हुए मुआवजे राशि के फर्जी आदेश तैयार किए गए थे।
पाठक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (4), 316 (5) (आपराधिक विश्वासघात), 338, 336 (3) और 340 (2) (सभी जालसाजी से संबंधित), 198 (लोक सेवक द्वारा कानून की अवज्ञा), 351 (4) (आपराधिक धमकी) आदि समेत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
लातूर पुलिस की सहायता से बीड की टीम ने पाठक को लातूर के हट्टे नगर इलाके में उनके आवास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी अभियान सहायक पुलिस अधीक्षक वेंकटरमण (आईपीएस) के नेतृत्व में चलाया गया।
भाषा यासिर नरेश
नरेश