महाराष्ट्र सरकार का विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यूसीसी विधेयक पेश करने का लक्ष्य: फडणवीस

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महाराष्ट्र सरकार का विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यूसीसी विधेयक पेश करने का लक्ष्य: फडणवीस

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  • Publish Date - September 14, 2026 / 03:55 PM IST,
    Updated On - September 14, 2026 / 03:55 PM IST

मुंबई, 14 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मसौदा तैयार करने वाली समिति की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद राज्य सरकार इसे लागू करने की दिशा में काम करेगी।

फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा कि उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय समिति अपनी सिफारिशों पर काम कर रही है और सरकार का लक्ष्य नागपुर में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान इस संबंध में विधेयक पेश करना है।

फडणवीस का यह बयान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा एक दिन पहले दिए गए उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की 21 राज्यों की सरकारें 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लागू करेंगी।

राज्य सरकार ने समिति का गठन जुलाई में किया था और उसे अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए छह महीने का समय दिया गया है। न्यायमूर्ति देसाई के अलावा समिति में उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आर सी चव्हाण और न्यायमूर्ति एस जी मेहरे, पूर्व मुख्य सचिव डी के जैन, पूर्व महाधिवक्ता वीरेंद्र सराफ, संविधान विशेषज्ञ रमेश पतंगे और शिक्षाविद् सुवर्णा रावल शामिल हैं।

फडणवीस ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र सरकार ने यूसीसी पर एक समिति गठित की है और वह इस विषय पर काम कर रही है। समिति द्वारा रिपोर्ट सौंपते ही हम इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।’’

मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पूरी तरह शाकाहारी भोजन परोसने की आलोचना को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला और इसे ‘‘संकीर्ण सोच’’ का प्रतिबिंब बताया।

फडणवीस ने कहा, ‘‘ब्रिक्स का आयोजन रात्रिभोज के लिए नहीं किया गया था।’’ उन्होंने दावा किया कि भारत की कूटनीतिक उपलब्धियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर भोजन सूची को लेकर विवाद उत्पन्न किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सभी देशों ने नयी दिल्ली घोषणापत्र पर सहमति जताई और चीन ने भी उस नीति दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, जिसमें आतंकवाद और पाकिस्तान का उल्लेख था। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी कूटनीतिक जीत नहीं हो सकती।

फडणवीस ने कहा, ‘‘नयी दिल्ली घोषणापत्र पर सर्वसम्मति थी। चीन और रूस ने भी इस पर हस्ताक्षर किए। कुछ लोगों को भारत की कूटनीतिक जीत से पेट में दर्द होता है, इसलिए वे भोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे मुद्दे उठाते हैं।’’

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज में पूरी तरह शाकाहारी भोजन परोसे जाने के एक दिन बाद कांग्रेस ने रविवार को कहा था कि भाजपा अब विदेशी गणमान्य व्यक्तियों पर अपनी खान-पान संबंधी पसंद थोप रही है।

गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था, ‘‘रिकॉर्ड के लिए: 80 प्रतिशत भारतीय मांसाहारी हैं। भारतीय मांसाहारी भोजन स्वादिष्ट होता है, मेरी बहन के बनाए छोले भटूरे की तरह।।’’

भाषा अमित नरेश

नरेश