महाराष्ट्र सरकार ने सूखा सूची में मंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी: कांग्रेस का आरोप

महाराष्ट्र सरकार ने सूखा सूची में मंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी: कांग्रेस का आरोप

महाराष्ट्र सरकार ने सूखा सूची में मंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी: कांग्रेस का आरोप
Modified Date: September 29, 2026 / 01:54 pm IST
Published Date: September 29, 2026 1:54 pm IST

मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार पर ‘‘राजनीतिक भेदभाव’’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने सूखा प्रभावित इलाकों की सूची में मंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जबकि विपक्षी दलों के प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों को इसमें शामिल नहीं किया।

कांग्रेस विधायक दल के नेता ने बताया कि सूखा प्रभावित इलाकों की पहली सूची में 33 में से 28 तालुका राज्य के मंत्रियों से संबंधित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के प्रतिनिधित्व वाले निर्वाचन क्षेत्रों के किसानों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

वडेट्टीवार ने कहा, ‘‘सरकार को सूखे पर राजनीति करते हुए शर्म आनी चाहिए।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रियों ने स्थिति का जायजा लेने के लिए विपक्षी विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा तक नहीं किया।

कांग्रेस नेता ने चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी तालुका को भी सूची में शामिल करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि इस तालुका में सूखे की स्थिति गंभीर है।

वडेट्टीवार ने एक बयान में कहा कि किसानों को राहत देते समय राजनीतिक बातों को किनारे रखा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी और सरकार से सवाल करेगी।

महाराष्ट्र सरकार ने बारिश की कमी के कारण राज्य के 358 में से 265 तालुकाओं यानी 74 प्रतिशत हिस्से को सूखाग्रस्त घोषित करते हुए राहत उपायों की घोषणा की है।

इन उपायों में फसल ऋण के पुनर्गठन, भूमि राजस्व में रियायत और बिजली बिल पर सब्सिडी शामिल हैं।

भाषा

प्रचेता वैभव

वैभव


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