मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को पुलिस और राज्य सरकार के अन्य बलों में समायोजित करेगी तथा उन्हें नयी भर्ती परीक्षा और दोबारा प्रशिक्षण से छूट दी जाएगी।
फडणवीस ने कहा कि अग्निवीरों का पहला बैच अब सशस्त्र बलों में अपना कार्यकाल पूरा कर लौट रहा है।
उन्होंने साप्ताहिक मंत्रिमंडल बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘केंद्र ने तय किया है कि 25 प्रतिशत अग्निवीर सशस्त्र बलों में बने रहेंगे, जबकि शेष 75 प्रतिशत को केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न बलों में समायोजित किया जाना चाहिए।’’
फडणवीस ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र ने फैसला किया है कि अग्निवीरों को राज्य सरकार के पुलिस और इसी तरह के अन्य पदों पर समायोजित किया जाएगा।’’
वर्ष 2022 की अग्निपथ योजना के तहत केंद्र 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखेगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त किया जाएगा। इस योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों की कुल सेवा अवधि चार वर्ष है, जिसमें छह महीने का प्रशिक्षण भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों को दोबारा भर्ती परीक्षा देने या नया प्रशिक्षण लेने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि वे चार साल की सेवा के दौरान पहले ही परीक्षा और प्रशिक्षण से गुजर चुके हैं।
हालांकि, उन्होंने कहा कि जिस पद पर अग्निवीरों को समायोजित किया जाएगा, उसके अनुसार कुछ विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता हो सकती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ‘‘अगर कोई अग्निवीर दमकलकर्मी के रूप में शामिल होता है, तो उसे साल में तीन महीने का प्रशिक्षण लेना पड़ सकता है। ऐसी आवश्यकताएं उन पर लागू होंगी।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में अधिकतम आयु सीमा में भी चार साल की छूट दी जाएगी।
भाषा
राखी दिलीप
दिलीप