नासिक, पांच मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक में अधिकारियों ने कथित अवैध अंडाणु दान से जुड़े मामले में एक इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) केंद्र को सील कर दिया है और इस संबंध में एक जांच समिति का गठन किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
हाल में ठाणे जिले के बदलापुर में ठाणे जिले में गरीब महिलाओं का शोषण करने वाले अंडाणु दान गिरोह का खुलासा हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि बदलापुर से बरामद दस्तावेजों में नासिक स्थित मालती आईवीएफ केंद्र का नाम आने के बाद नासिक महानगर पालिका (एनएमसी) ने उस केंद्र को सील कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को नासिक के मुंबई नाका क्षेत्र में स्थित इस आईवीएफ केंद्र पर छापा मारा और वहां से कई दस्तावेज जब्त किए।
अधिकारियों ने केंद्र का पंजीकरण रद्द कर दिया और उसे सील कर दिया।
उन्होंने बताया कि जांच समिति को केंद्र से जब्त किए गए दस्तावेजों की विस्तृत जांच और सत्यापन करने का काम सौंपा गया है। समिति की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि केंद्र में नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं।
एनएमसी के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजयकुमार देवकर ने कहा, ‘‘आईवीएफ केंद्र में कुछ अनियमितताएं बरती जा रही थीं। इसलिए कार्रवाई की गई। केंद्र को सील कर दिया गया और दस्तावेज जब्त कर लिए गए।’’
बदलापुर में रैकेट का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने अंडाणु दान के बदले भुगतान न मिलने की शिकायत की। इसके बाद कथित सरगना सुलक्षणा गाडेकर (44) के आवास पर छापा मारा गया, जहां से हार्मोनल इंजेक्शन बरामद हुए।
अंडाणु दान में एक महिला दूसरी महिला को गर्भधारण में मदद के लिए अपने अंडाणु देती है।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस अपराध में एक अंतरराज्यीय नेटवर्क शामिल है।
भाषा खारी रंजन
रंजन