मुंबई, तीन जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के विधायकों ने राज्य में आवारा कुत्तों के हमलों पर शुक्रवार को चिंता जताई और जानवरों पर नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू करने तथा आबादी को नियंत्रित करने के प्रयासों में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मंत्री उदय सामंत ने विधानसभा को बताया कि पूरे राज्य में लगभग 14.8 लाख आवारा कुत्ते हैं, इसलिए सरकार बंध्याकरण और टीकाकरण अभियान तेज़ कर रही है। उन्होंने कहा कि छह महीने के भीतर मुंबई में कुत्तों के लिए तीन आश्रय स्थल बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी स्थानीय निकायों को आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को सख्ती से लागू करने के लिए कहा है।
हालांकि, कई विधायक सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे और उन्होंने आवारा कुत्तों के हमलों में बच्चों की मौतों का हवाला देते हुए अधिक सख्त तथा समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।
विधायकों ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाने के साथ ही, पशु कल्याण के नाम पर ऐसे प्रयासों में बाधा डालने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की।
मंत्री ने सदन को बताया कि महाराष्ट्र में लगभग 14.8 लाख आवारा कुत्ते हैं, जिनमें से करीब 94,000 मुंबई में हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से अब तक दो लाख से अधिक कुत्तों का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि लगभग 1.8 लाख कुत्तों की नसबंदी की गई है।
उन्होंने बताया कि आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए अगले छह महीनों के भीतर मुंबई में तीन आश्रय स्थल स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही, कुत्तों की नसबंदी के लिए राज्यभर में पशु जन्म नियंत्रण केंद्र भी बनाए जाएंगे।
विधायकों मुरजी पटेल, स्नेहा दुबे, अमीन पटेल, नमिता मुंदडा, सना मलिक और मनीषा चौधरी ने आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस संबंध में पूरक प्रश्न पूछते हुए सरकार से उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
भाषा आशीष पवनेश
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