महाराष्ट्र: विधायकों ने बदर आयोग रिपोर्ट खारिज करने की मांग की

Ads

महाराष्ट्र: विधायकों ने बदर आयोग रिपोर्ट खारिज करने की मांग की

  •  
  • Publish Date - June 29, 2026 / 06:46 PM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 06:46 PM IST

मुंबई, 29 जून (भाषा) विभिन्न दलों के अनुसूचित जाति (एससी) के विधायकों के एक समूह ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार से मांग की कि वह आरक्षण व्यवस्था के तहत एससी के उप-वर्गीकरण पर न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) अनंत बदर आयोग की रिपोर्ट को तुरंत रद्द करे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के विधायकों ने प्रस्तावित प्रक्रिया को स्थायी रूप से वापस लेने की भी मांग की।

राकांपा विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री राजकुमार बडोले ने यहां विधानभवन में प्रेसवार्ता में कहा कि ये मांगें सर्वदलीय आरक्षण समन्वय समिति द्वारा तैयार किए गए एक चार्टर का हिस्सा हैं।

बडोले ने कहा कि समिति की रिपोर्ट तुरंत रद्द कर दी जानी चाहिए तथा अनुसूचित जातियों को ए,बी,सी और डी श्रेणियों में बांटने के प्रस्ताव को हमेशा के लिए वापस ले लिया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बदर समिति की पूरी रिपोर्ट, बीएआरटीआई एबीसीडी रिपोर्ट, सारा मूल डेटा, सर्वे का तरीका, सर्वे रिपोर्ट, बैंकिंग जानकारी और सिफारिशों को बिना किसी देरी के सार्वजनिक किया जाए।

बडोले ने कहा कि सरकारी, अर्ध-सरकारी निकायों, स्थानीय स्व-शासन संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सभी बैकलॉग रिक्तियों को एक विशेष भर्ती अभियान के माध्यम से भरा जाना चाहिए।

उन्होंने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करने की भी मांग की।

उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में निजीकरण और विनिवेश के असर से अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण के लाभों को सुरक्षित रखने के लिए एक खास ‘आरक्षण सुरक्षा’ नीति की भी मांग की।

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश