Delhi EV Policy 2026: राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना हुआ सस्ता, इस दिन से नहीं देना पड़ेगा रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस, सरकार की नई EV पॉलिसी में क्या है खास जानें यहां

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Delhi EV Policy 2026: दिल्ली में वायु प्रदूषण को काम करने और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है।

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  • Publish Date - June 29, 2026 / 04:54 PM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 04:58 PM IST

Delhi EV Policy 2026/Image Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • दिल्ली में EV को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है।
  • दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता सरकार ने अब इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026 लागू कर दी है।
  • यह पॉलिसी 1 जुलाई 2026 से दिल्ली में लागू हो जाएगी।

Delhi EV Policy 2026: नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को काम करने और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता सरकार ने अब इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026 लागू कर दी है। यह पॉलिसी 1 जुलाई 2026 से दिल्ली में लागू हो जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक, दिल्ली कैबिनेट ने इस नई नीति को हरी झंडी दे दी है।

नई EV पॉलिसी में क्या है खास?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, सरकार द्वारा लाई गई इस पॉलिसी में सबसे बड़ी घोषणा BS-IV गाड़ियों के लिए की गई है। इसमें कहा गया है कि, अगर कोई शख्स अपनी BS-IV कार को स्क्रैप कराता है और उसकी जगह नई इलेक्ट्रिक कार खरीदता है तो उसे सरकार की ओर से 1 लाख रुपए तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियां धीरे-धीरे सड़कों से हटेंगीं और उनकी जगह पर्यावरण के लिए बेहतर इलेक्ट्रिक गाड़ियां आएंगी।

Delhi EV Policy 2026: इस पॉलिसी का सबसे बड़ा फायदा इलेक्ट्रिक काहन खरीदने वालों को मिलेगा। अब दिल्ली में नई EV खरीदने पर 100 फीसदी रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ करने का फैसला किया है। (Delhi EV Policy 2026) इसका मतलब अगर कोई भी शख्स नई EV खरीदता है, तो तो उसे रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन पर खर्च नहीं करना पड़ेगा। इससे कार खरीदना पहले की तुलना में ज्यादा किफायती हो जाएगा।

अगले साल 1 जनवरी से दिल्ली में केवल ई-ऑटो का ही नया रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। यानी इस तारीख के बाद नए CNG या पेट्रोल ऑटो का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।

इसके अलावा टू-व्हीलर्स को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में पेट्रोल से चलने वाले टू-व्हीलर्स के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने की योजना है। हालांकि पहले से खरीदे गए टू-व्हीलर्स अपने नियमों के मुताबिक चलते रहेंगे।

सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा?

Delhi EV Policy 2026: सरकार का कहना है कि नई पॉलिसी केवल इलेक्ट्रिक कार खरीदने को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए दिल्ली में EV से जुड़ा पूरा इकोसिस्टम मजबूत किया जाएगा। इसमें चार्जिंग स्टेशनों का तेजी से विस्तार किया जाएगा, बैटरी से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर, निजी और पब्लिक चार्जिंग सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को आसान बनाया जाएगा।

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि इस नई EV पॉलिसी के तहत अगले चार सालों में करीब 15,000 करोड़ रुपए का निवेश होने की उम्मीद है। (Delhi EV Policy 2026)  यह निवेश चार्जिंग नेटवर्क, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेंटर, बैटरी टेक्नोलॉजी और दूसरे क्षेत्रों में किया जाएगा। इससे न केवल राजधानी में EV इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि हजारों नए रोजगार के मौके भी पैदा हो सकते हैं।

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Delhi EV Policy 2026 क्या है?

Delhi EV Policy 2026 दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति है, जिसे 1 जुलाई 2026 से लागू किया गया है। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण कम करना, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और राजधानी में EV इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है।

Delhi EV Policy 2026 के तहत BS-IV वाहन मालिकों को क्या फायदा मिलेगा?

यदि कोई व्यक्ति अपनी BS-IV कार को स्क्रैप कर नई इलेक्ट्रिक कार खरीदता है, तो उसे दिल्ली सरकार की ओर से ₹1 लाख तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा।

Delhi EV Policy 2026 में नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर क्या छूट मिलेगी?

नई EV खरीदने वालों को 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट मिलेगी, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना पहले की तुलना में अधिक किफायती होगा।

Delhi EV Policy 2026 के तहत ऑटो और टू-व्हीलर्स के लिए क्या नए नियम हैं?

1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल नए ई-ऑटो का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। वहीं, 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल से चलने वाले टू-व्हीलर्स के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने की योजना है।

Delhi EV Policy 2026 से दिल्ली में क्या बदलाव आने की उम्मीद है?

इस नीति के तहत अगले चार वर्षों में लगभग ₹15,000 करोड़ के निवेश की उम्मीद है। इससे चार्जिंग स्टेशनों का विस्तार, बैटरी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, EV उद्योग को बढ़ावा और हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।