महाराष्ट्र में कुपोषण कम हो रहा, अन्य कारणों से तीन साल में 40,559 बच्चों की मौत: तटकरे

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महाराष्ट्र में कुपोषण कम हो रहा, अन्य कारणों से तीन साल में 40,559 बच्चों की मौत: तटकरे

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 04:38 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 04:38 PM IST

मुंबई, 24 जून (भाषा) महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने दावा किया है कि महाराष्ट्र में कुपोषण का स्तर कम हो रहा है और पिछले तीन वर्षों में राज्य में बच्चों की मौत मुख्य रूप से समय से पहले जन्म, संक्रमण और निमोनिया के कारण हुई।

राज्य विधानसभा में एक लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 40,559 बच्चों की मौत हुई।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में 2023-24 में 13,810 बच्चों की मौत हुई, जबकि 2024-25 में यह संख्या 13,728 और 2025-26 में 13,021 थी।

तटकरे ने कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि ये मौतें कुपोषण के कारण नहीं हुई थीं।

मंत्री ने कहा, ‘‘बच्चों की मौत मुख्य रूप से स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के कारण हुई, जैसे समय से पहले जन्म, संक्रमण, सांस लेने में परेशानी, जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी, जन्मजात विकृतियां और निमोनिया।’’

उन्होंने कहा कि उपलब्ध डेटा राज्य में कुपोषण के स्तर में कमी की ओर इशारा करता है। हालांकि, जवाब में कुपोषण की दर में कमी दिखाने वाले कोई विशिष्ट आंकड़े नहीं दिए गए।

भाषा

शुभम नेत्रपाल

नेत्रपाल