मुंबई, 28 अगस्त (भाषा) मुंबई महानगर क्षेत्र में ऑटो-रिक्शा और काली-पीली कैब का किराया बढ़ने से यात्रियों में चिंता है और उन्हें डर है कि इससे उनके घर के बजट पर बोझ पड़ेगा। वहीं, शहर के एक ऑटो रिक्शा संघ के नेताओं ने सरकार से किराए में की गई एक रुपये की बढ़ोतरी पर फिर से विचार करने की मांग की है।
यात्रियों की चिंता की वजह मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (एमएमआरटीए) का वह फैसला है, जिसके तहत 1 सितंबर से ऑटो-रिक्शा के न्यूनतम किराये में एक रुपया और टैक्सी के किराये में दो रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
इस बढ़ोतरी के बाद ऑटो-रिक्शा का न्यूनतम किराया 26 रुपये से बढ़कर 27 रुपये हो जाएगा, जबकि पहले 1.5 किलोमीटर के लिए टैक्सी का न्यूनतम किराया 31 रुपये से बढ़कर 33 रुपये हो जाएगा।
इस बीच, शहर के एक ऑटो-रिक्शा संघ ने महाराष्ट्र सरकार से किराये में एक रुपये की बढ़ोतरी पर फिर से विचार करने को कहा है। उसका कहना है कि ईंधन, रखरखाव, बीमा और अन्य खर्चों में हुई बढ़ोतरी की भरपाई के लिए यह रकम काफी नहीं है।
‘सेवा सारथी ऑटो-रिक्शा टैक्सी एंड ट्रांसपोर्ट यूनियन’ के महासचिव डी.एम. गोसावी ने कहा कि लगभग दो साल के अंतराल के बाद किराया सिर्फ एक रुपया बढ़ाया गया है।
टैक्सी और ऑटो-रिक्शा यूनियन के नेता शशांक राव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि किराये में मंजूर की गई बढ़ोतरी नाकाफी थी और उन्हें एक से दो रुपये की और बढ़ोतरी दी जानी चाहिए थी।
भाषा
सुभाष दिलीप
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