मराठी ज्ञान अभियान: निरुपम ने सरकार से चालकों के प्रति उदार दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया

मराठी ज्ञान अभियान: निरुपम ने सरकार से चालकों के प्रति उदार दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया

मराठी ज्ञान अभियान: निरुपम ने सरकार से चालकों के प्रति उदार दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया
Modified Date: August 19, 2026 / 09:27 pm IST
Published Date: August 19, 2026 9:27 pm IST

मुंबई, 19 अगस्त (भाषा) शिवसेना नेता संजय निरुपम ने बुधवार को ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के मराठी सीखने के लिए उन्हें अतिरिक्त समय देने की मांग की।

निरुपम की ओर से यह मांग ऐसे समय में की गई है जब महाराष्ट्र सरकार बृहस्पतिवार से मराठी के ‘कार्यसाधक ज्ञान’ से जुड़े अभियान को लागू करने जा रही है।

निरुपम ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से ‘‘उदार दृष्टिकोण’’ अपनाने का अनुरोध करते हुए कहा कि चूंकि चालकों को अपने परिवारों का भरण-पोषण करना होता है, इसलिए उन्हें धमकाया या डराया नहीं जाना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के अधिकारियों को मराठी भाषा में चालकों की दक्षता की परीक्षा लेने की अनुमति देने से भ्रष्टाचार और उत्पीड़न का एक और रास्ता खुल सकता है।

निरुपम ने कहा, ‘‘सरकार को उन्हें (चालकों को) धमकाने या टकराव का माहौल पैदा करने के बजाय उनके हितों का ध्यान रखना चाहिए। वे पहले से ही अपनी रोजी-रोटी को लेकर चिंतित हैं।”

एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना में निरुपम प्रमुख उत्तर भारतीय चेहरा हैं।

पूर्व सांसद ने दावा किया कि सरनाईक उनके अनुरोध के बाद इस मुद्दे पर उदार दृष्टिकोण अपनाने के लिए सहमत हो गए हैं।

इससे पहले दिन में सरनाईक ने कहा कि ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को नए बैज जारी करते समय मराठी भाषा के ज्ञान के सत्यापन की पूरी प्रक्रिया की बृहस्पतिवार से वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी।

भाषा खारी वैभव

वैभव


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