मंत्री शेलार ने भाजपा के बागी नेताओं को ‘महत्वहीन’ बताया
मंत्री शेलार ने भाजपा के बागी नेताओं को 'महत्वहीन' बताया
मुंबई, 19 फरवरी (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी, राकांपा (शप) के पार्षदों और भाजपा के बागी पार्षदों के एक समूह से मिलकर बना एक ‘‘धर्मनिरपेक्ष मोर्चा’’ यह सुनिश्चित करेगा कि गठबंधन को पड़ोसी ठाणे जिले के भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका में महापौर और उपमहापौर का पद मिलें।
एक दुर्लभ विद्रोह का सामना कर रहे महाराष्ट्र के मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता आशीष शेलार ने कहा कि भाजपा छोड़ने वाले लोग पार्टी के लिए ‘महत्वहीन’ हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें (भाजपा छोड़ने वाले को) बागी नहीं कहा जा सकता।
सपकाल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि 15 जनवरी को हुए चुनावों में कांग्रेस 30 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसे राकांपा (शप) के 12 पार्षदों का समर्थन प्राप्त है। इसलिए 90-सदस्यीय नगर निकाय में बहुमत हासिल करने के लिए उसे केवल चार और पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता है।
सपकाल ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने भाजपा या एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ गठबंधन न करने का फैसला किया है और अपने वैचारिक रुख से कोई समझौता नहीं किया है। भाजपा के कुछ पार्षद अब अपनी पार्टी और उसकी विचारधारा छोड़कर धर्मनिरपेक्ष मोर्चे में शामिल हो गए हैं, जिससे हमें महापौर और उपमहापौर का चुनाव करने में मदद मिलेगी।”
उन्होंने कहा कि नारायण चौधरी ने कुछ सहयोगियों के साथ भाजपा छोड़ दी है और एक स्वतंत्र समूह बनाया है।
सपकाल ने कहा कि चौधरी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को समर्थन दिया है।
सपकाल ने कहा कि पिछले 24 दिनों से समान विचारधारा वाले दलों के साथ बातचीत चल रही थी और अब गतिरोध समाप्त हो गया है।
सपकाल ने कहा, “महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति के पदों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए जल्द ही पार्टी पर्यवेक्षकों को भेजा जाएगा। भाजपा को सत्ता से बाहर रखना कांग्रेस का स्पष्ट रुख है।”
भिवंडी से राकांपा (शप) के लोकसभा सांसद सुरेश म्हात्रे ने कहा कि कांग्रेस-राकांपा (शप) धर्मनिरपेक्ष गठबंधन बनाने के प्रयास लगभग 24 दिनों से चल रहे थे।
उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी से भी बातचीत हुई, लेकिन उसने शिंदे गुट का साथ देना मुनासिब समझा।
म्हात्रे ने कहा कि बागी भाजपा पार्षदों के दल में शामिल होने से अब नगर निकाय में सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया है।
भिवंडी निजामपुर नगर निगम में पार्षदों के बीच फूट की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए शेलार ने कहा कि भाजपा छोड़ने वाले लोग पार्टी के लिए ‘महत्वहीन’ हैं।
शेलार ने कहा, ‘‘जो व्यक्ति पार्टी की विचारधारा से अलग हो जाता है, उसे पार्टी का बागी भी नहीं कहा जा सकता। वह हमारे लिए अवांछित है। जो पार्टी से अलग हो जाता है, वह भाजपा का नहीं रह जाता। जो ईमानदारी से भाजपा की विचारधारा का पालन करता है, वही सच्चा स्वयंसेवक या पार्टी का कार्यकर्ता है।’
उन्होंने स्वीकार किया कि भिवंडी में जो कुछ हुआ उसकी सटीक जानकारी उनके पास नहीं है और उन्होंने कहा कि वह इस मामले में और जानकारी जुटाने का प्रयास करेंगे।
शेलार ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्थिति की समीक्षा करने के बाद उचित निर्णय लेंगे।
हाल ही में हुए 90-सदस्यीय भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका के चुनाव में कांग्रेस 30 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, उसके बाद भाजपा ने 22, शिवसेना-राकांपा ने 12-12, समाजवादी पार्टी ने छह, पाटिल की केवीए ने चार और भिवंडी विकास अघाडी ने तीन सीट पर जीत हासिल की।
एक निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी रहा।
भाषा राखी सुरेश
सुरेश

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