मुंबई-पुणे राजमार्ग हादसा : आपात स्थिति में क्षतिग्रस्त टैंकरों को हवाई मार्ग से हटाने पर विचार

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मुंबई-पुणे राजमार्ग हादसा : आपात स्थिति में क्षतिग्रस्त टैंकरों को हवाई मार्ग से हटाने पर विचार

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  • Publish Date - February 28, 2026 / 05:24 PM IST,
    Updated On - February 28, 2026 / 05:24 PM IST

मुंबई, 28 फरवरी (भाषा) मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हाल में हुए गैस टैंकर हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार अत्यंत आपात स्थिति में क्षतिग्रस्त टैंकरों को हवाई मार्ग से हटाने की व्यवहार्यता की पड़ताल कर रही है। यह जानकारी शनिवार को विधानसभा को दी गई।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर हादसे के बाद 36 घंटे तक यातायात बाधित रहा था।

सरकार ने मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने का आदेश दिया है, जिसमें अग्निशमन प्रणालियों को मजबूत करना शामिल है।

ध्यानाकर्षण नोटिस के माध्यम से उठाए गए मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ ले जा रहे टैंकर के पास वैध लाइसेंस था और उसकी नियमित रूप से जांच की जा रही थी।

अधिकारियों ने बताया था कि तीन फरवरी को पर्वतीय खंडाला घाट खंड में चालक के नियंत्रण खो देने के बाद वाहन पलट गया, जिससे एक्सप्रेसवे पर सैकड़ों वाहन फंस गए और यात्रियों के लिए भारी परेशानी खड़ी हो गई। अधिकारियों ने बताया कि गैस रिसाव या आग लगने से रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई करने से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

शिवसेना (उबाठा) विधायक आदित्य ठाकरे ने खतरनाक पदार्थों की ढुलाई के दौरान हादसों से निपटने की तैयारियों को लेकर चिंता जताई, खासकर एचपीसीएल और बीपीसीएल जैसी कंपनियों द्वारा प्रमुख राजमार्गों पर पेट्रोलियम और ज्वलनशील पदार्थों की ढुलाई को देखते हुए।

इसके जवाब में, सरनाइक ने कहा कि राजमार्गों पर ऐसे हादसों से निपटने के लिए विशेष इकाइयां स्थापित करने और अग्निशमन प्रणालियों को मजबूत करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि यातायात बाधित रहने की अवधि के दौरान वसूला गया टोल वापस किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि मैनुअल टोल वापसी की प्रक्रिया तुरंत पूरी कर ली गई, वहीं 36 घंटे की अवधि के दौरान फास्टैग के माध्यम से वसूले गए पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी वाहन मालिकों को वापस कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सरकार कुछ देशों में अपनाई जाने वाली प्रथा के अनुसार, अत्यधिक आपात स्थिति में क्षतिग्रस्त टैंकरों को एयरलिफ्ट करने की व्यवहार्यता की पड़ताल कर रही है।

यह स्वीकार करते हुए कि कई ट्रांसपोर्टर के पास ऐसे हादसों से निपटने के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का अभाव है, उन्होंने कहा कि सरकार ने खतरनाक पदार्थों की ढुलाई करने वाली कंपनियों को पर्याप्त बचाव उपकरण रखने और परिभाषित आपातकालीन प्रोटोकॉल स्थापित करने का निर्देश दिया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) विधायक जयंत पाटिल ने भीषण यातायात जाम के दौरान त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को तैनात करने का सुझाव दिया।

मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि हेलीकॉप्टर उपलब्ध हैं, लेकिन रात्रि उड़ान प्रतिबंधों के कारण परिचालन संबंधी बाधाएं हैं।

उन्होंने कहा कि अधिकारी संकट के दौरान प्रभावित मार्गों में वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए साइनबोर्ड और एसएमएस अलर्ट के माध्यम से वास्तविक समय की जानकारी प्रसारित करने के लिए ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (आईटीएमएस) को उन्नत करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय लागू किए जाएंगे।

भाषा अमित शफीक

शफीक