rajasthan student kidnap/ image source: IBC24
Barmer Student kidnapped: बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर जिले के जैसार गांव से मानवता को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां बदमाशों ने दिनदहाड़े सरकारी स्कूल में घुसकर 12वीं के छात्र का अपहरण कर लिया। सोमवार सुबह बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले करीब 8:05 बजे कैंपर गाड़ी में आए चार युवक सीधे कक्षा में घुसे और छात्र को जबरन खींचकर बाहर ले जाने लगे। शिक्षकों ने रोकने की कोशिश की तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी छात्र को करीब 100 मीटर तक घसीटते हुए स्कूल गेट तक ले गए और वाहन में डालकर फरार हो गए, जिससे परीक्षा केंद्र में अफरा-तफरी मच गई।
दरअसल, राजस्थान के बाड़मेर जिले के जैसार गांव से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में 12वीं कक्षा का छात्र बोर्ड परीक्षा देने बैठा ही था कि सोमवार सुबह करीब 8:05 बजे कैंपर गाड़ी में आए चार बदमाश स्कूल परिसर में घुस आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी सीधे कक्षा में पहुंचे और छात्र को जबरन खींचकर बाहर ले जाने लगे। शिक्षकों और स्टाफ ने रोकने की कोशिश की तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपी छात्र के हाथ-पैर पकड़कर उसे करीब 100 मीटर तक घसीटते हुए मुख्य गेट तक ले गए और वाहन में डालकर फरार हो गए। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले हुए इस अपहरण से स्कूल में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई।
अपहरण के बाद आरोपी छात्र को स्कूल से करीब 10 किलोमीटर दूर सुनसान धोरों में ले गए, जहां उसके साथ अमानवीय क्रूरता की गई। पुलिस के अनुसार बदमाशों ने लाठियों से बेरहमी से पिटाई की, उसके हाथों के नाखून उखाड़ दिए और दांत तोड़ दिए। करीब आधे घंटे तक यातना देने के बाद छात्र को मरणासन्न हालत में रेगिस्तान में फेंक दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल छात्र को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की बर्बरता ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और छात्रों-अभिभावकों में भय का माहौल पैदा हो गया है।
इसी कड़ी में, आरएलपी के अध्यक्ष ने पोस्ट भी किया है उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘राजस्थान के बाड़मेर जिले के जैसार गांव में बोर्ड परीक्षा के दौरान 12वीं कक्षा के एक छात्र का अपहरण कर उसके नाखून उखाड़ना, दांत तोड़ना और उसके साथ गंभीर मारपीट करना अत्यंत निंदनीय एवं चिंताजनक घटना है। यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है तथा बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न करती है। शिक्षा का वातावरण भयमुक्त होना चाहिए, लेकिन यदि बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण समय में छात्र स्वयं को असुरक्षित महसूस करें, तो यह शासन – प्रशासन के साथ पूरे समाज के लिए गंभीर चिंतन का विषय है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से मेरा यह प्रश्न है कि जब बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्र ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है ? वर्तमान में राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है तथा शीघ्र ही प्रधानमंत्री का राजस्थान दौरा भी प्रस्तावित है,इसके बावजूद जोधपुर, बाड़मेर, फलोदी सहित कई जिलों में बढ़ती अपराध की घटनाएँ अत्यंत चिंता का विषय हैं। मेरी सरकार से मांग है कि इस मामले में संलिप्त सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोरतम से कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए तथा घटना के समय विद्यालय में मौजूद स्टाफ की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि जो स्टाफ ऐसी घटना के समय मूकदर्शक बनकर खड़े रहे उन्हें भी कड़ा सबक मिले ,साथ ही बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रदेश की बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था और जंगलराज की स्थिति को देखते हुए सरकार को स्कूलों,विशेषकर बालिका स्कूलों में भी पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए’|@RajCMO @PoliceRajasthan
मामले की जांच में चौंकाने वाली वजह सामने आई है। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह के मुताबिक दो दिन पहले स्कूल में ही एक अन्य छात्र के साथ मारपीट हो रही थी, जिसे पीड़ित छात्र ने बीच-बचाव कर शांत कराया था। आरोपियों को यह हस्तक्षेप नागवार गुजरा और उन्होंने बदला लेने के लिए बोर्ड परीक्षा के दिन अपहरण और हमला करने की साजिश रच डाली। पुलिस ने मुख्य आरोपी नारणाराम, बजरंग, तेजपाल और लक्ष्मण को गिरफ्तार कर लिया है तथा अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। घटना के बाद शिक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट तलब की है और परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त सुरक्षा न होने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। यह वारदात न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा चेतावनी संकेत बनकर उभरी है।