नागपुर में 46 दिन पीएम10 प्रदूषण तय सीमा से ज्यादा पाया गया: सीआरईए

नागपुर में 46 दिन पीएम10 प्रदूषण तय सीमा से ज्यादा पाया गया: सीआरईए

नागपुर में 46 दिन पीएम10 प्रदूषण तय सीमा से ज्यादा पाया गया: सीआरईए
Modified Date: August 11, 2026 / 06:48 pm IST
Published Date: August 11, 2026 6:48 pm IST

नागपुर, 11 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के नागपुर में गर्मी के करीब आधे मौसम में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। इसके साथ ही यह शहर मुंबई और पुणे को पीछे छोड़कर महाराष्ट्र के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया। ऊर्जा एवं स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (सीआरईए) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

सीआरईए ने बताया कि मार्च से मई के बीच 46 दिनों में पीएम10 का स्तर राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों से अधिक दर्ज किया गया।

सीआरईए ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर बताया कि मार्च से मई के बीच 92 दिनों की निगरानी में नागपुर में 46 दिन पीएम10 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के वार्षिक मानक से अधिक रहा।

यानी गर्मियों के आधे मौसम में पीएम10 का स्तर निर्धारित सीमा से ऊपर दर्ज किया गया।

पीएम10 से आशय हवा में मौजूद ऐसे सूक्ष्म कणों से है, जिनका व्यास 10 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है।

ये कण इतने छोटे होते हैं कि सांस के साथ श्वसन तंत्र में प्रवेश कर सकते हैं। पीएम 10 के लिए राष्ट्रीय मानक वार्षिक आधार पर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और दैनिक आधार पर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर निर्धारित है।

इसके विपरीत, महाराष्ट्र के दो बड़े महानगर मुंबई और पुणे में इसी अवधि के दौरान पीएम10 का स्तर केवल पांच से छह दिन ही इस सुरक्षित सीमा को पार कर पाया।

सीआरईए के अनुसार, मई में नागपुर राज्य का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि अप्रैल में वह पांचवें स्थान पर था।

भाषा जितेंद्र दिलीप

दिलीप


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