पुणे, 16 मई (भाषा) वर्ष 2026 के लिए तीन मई को आयोजित नीट-यूजी का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में कथित भूमिका के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा शनिवार को गिरफ्तार की गईं जीव विज्ञान की महिला व्याख्याता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी पुणे स्थित उस कॉलेज ने दी जहां पर आरोपी प्रवक्ता काम करती हैं।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति का हिस्सा रहीं जीव विज्ञान की व्याख्याता मनीषा गुरुनाथ मंधारे को सीबीआई ने दिल्ली स्थित मुख्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
‘मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स’ ने एक बयान में कहा, ‘‘मंधारे 2002 से जूनियर कॉलेज सेक्शन में कार्यरत हैं और पिछले 24 वर्षों से कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को जीव विज्ञान पढ़ा रही हैं। उनके शिक्षण अनुभव को देखते हुए एनटीए ने उन्हें नीट परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित कुछ गोपनीय कार्यों के लिए नियुक्त किया था।’’
कॉलेज के बयान में आगे कहा गया है कि एनटीए द्वारा मंधारे को सौंपा गया कार्य ‘पूरी तरह से गोपनीय’ था और सभी पत्राचार और निर्देशों का आदान-प्रदान सीधे एजेंसी और संबंधित व्यक्ति के बीच हुआ था। इसलिए कॉलेज प्रशासन और मूल संस्थान का इस प्रक्रिया से कोई सीधा संबंध नहीं था। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. निवेदिता एकबोटे द्वारा जारी बयान में यह कहा गया है।
संस्थान ने कहा कि उसे नीट-2026 के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में मंधारे की गिरफ्तारी के बारे में टेलीविजन चैनलों और मीडिया की खबरों के माध्यम से पता चला और उसने इस मामले को ‘गंभीर, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय’ बताया।
बयान में कहा गया है, ‘‘प्रबंधन और कॉलेज प्रशासन ने इस घटनाक्रम का गंभीर संज्ञान लिया और महाराष्ट्र निजी स्कूल कर्मचारी (सेवा शर्तें) विनियमन अधिनियम 1981 के तहत व्याख्याता के खिलाफ जांच शुरू की जाएगी। नियमों के अनुसार, अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।’’
अधिकारियों के अनुसार, मंधारे पर आरोप है कि उन्होंने अप्रैल 2026 में पुणे की मनीषा वाघमारे (जिन्हें 14 मई को गिरफ्तार किया गया था) के माध्यम से नीट-यूजी परीक्षा के संभावित अभ्यर्थियों को एकत्रित किया और उनके पुणे स्थित आवास पर इन छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं।
आरोप है कि मंधारे ने चुनिंदा छात्रों को लीक किए गए प्रश्न और उनके उत्तर लिखवाए और लाखों रुपये शुल्क के रूप में लिए। इनमें से अधिकांश प्रश्न तीन मई को आयोजित नीट-यूजी में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते थे।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक भारत के 551 शहरों और विदेशों में 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
देश भर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था।
एनटीए के अनुसार, परीक्षा आयोजित होने के चार दिन बाद सात मई की शाम को कथित अनियमितताओं की सूचना प्राप्त हुई।
नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा अब आगामी 21 जून को होगी।
भाषा संतोष दिलीप
दिलीप