अंबरनाथ में नया राजनीतिक मोड़: भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए शिवसेना-राकांपा ने किया गठबंधन

अंबरनाथ में नया राजनीतिक मोड़: भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए शिवसेना-राकांपा ने किया गठबंधन

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  • Publish Date - January 9, 2026 / 07:31 PM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 07:31 PM IST

ठाणे, नौ जनवरी (भाषा) एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा ने अंबरनाथ नगर परिषद की सत्ता से भाजपा को दूर रखने के लिये शुक्रवार को एक निर्दलीय सदस्य के साथ मिलकर एक समूह बनाया, ताकि स्थानीय निकाय में सरकार बनाने का दावा पेश कर सके। इस घटनाक्रम से महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम में एक और नया मोड़ आ गया है।

शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने इस बात की पुष्टि की है कि उनकी पार्टी, राकांपा और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने ठाणे जिले के अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल करने के प्रयास में गठबंधन किया है।

उन्होंने बताया कि इस गठबंधन के संबंध में जिला प्राधिकारियों को भी एक पत्र सौंप दिया गया है।

यह घटनाक्रम कांग्रेस से निलंबित किए गए 12 पार्षदों के भाजपा में शामिल हो जाने के एक दिन बाद हुआ है।

शिवसेना और राकांपा दोनों ही भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार के घटक दल हैं।

नेता ने कहा, ‘‘इस घटनाक्रम से भाजपा की उन सुनियोजित योजनाओं को झटका लगेगा, जिसके तहत वह कांग्रेस के निलंबित पार्षदों को अपने साथ शामिल करने के बाद नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल करना चाहती थी।’’

राकांपा के एक नेता ने भी इस घटनाक्रम की पुष्टि की है।

महाराष्ट्र में 20 दिसंबर को हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद, भाजपा की स्थानीय इकाई ने अपनी कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के साथ ‘अंबरनाथ विकास आघाडी’ (एवीए) के बैनर तले गठबंधन किया, ताकि नगर परिषद में सत्ता हासिल कर सके तथा सहयोगी शिवसेना को दरकिनार कर दिया, जो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इस आघाडी में अजित पवार नीत राकांपा भी शामिल थी, जो राज्य सरकार में भाजपा की एक अन्य सहयोगी पार्टी है।

एवीए ने 60 सदस्यीय स्थानीय निकाय में 31 सीट के साथ बहुमत हासिल किया। हाल में हुए चुनाव में शिवसेना ने 27 सीट जीती, भाजपा ने 14 सीट, कांग्रेस ने 12, राकांपा ने चार सीट जीतीं, जबकि दो निर्दलीय भी चुनाव जीते तथा एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन के साथ तीन दलों वाले इस गठबंधन के पार्षदों की संख्या 32 तक पहुंच गई। इसमें नगर परिषद अध्यक्ष शामिल नहीं हैं, जो भाजपा से हैं।

इस असामान्य गठबंधन से शर्मसार कांग्रेस ने बुधवार को अपने 12 नवनिर्वाचित पार्षदों और एक प्रखंड अध्यक्ष को निलंबित कर दिया।

इस नए घटनाक्रम के साथ ही शिवसेना-राकांपा-निर्दलीय गठबंधन के पास कुल 32 सदस्य हो गए हैं।

भाषा यासिर दिलीप

दिलीप