प्रयागराजः Bareilly Namaz Case: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को घर के भीतर नमाज पढ़ने की कथित तौर पर अनुमति नहीं देने के मामले में उत्तर प्रदेश में बरेली के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को 23 मार्च को पेश होने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की पीठ ने तारिक खान की ओर से दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया।
Bareilly Namaz Case इससे पूर्व, अदालत ने 12 फरवरी को राज्य सरकार के वकील को इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा था और बरेली के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किये थे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादी अधिकारियों ने याचिकाकर्ता को 16 जनवरी को घर के भीतर भी नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पूर्व में ‘‘मारानाथा फुल गॉस्पेल मिनिस्ट्रीज बनाम एमैनुअल ग्रेस चैरिटेबल ट्रस्ट’’ के मामले में कहा था, ‘‘याचिकाकर्ता को राज्य सरकार से बगैर किसी अनुमति के अपने स्वयं के निजी परिसर में अपनी सुविधा के मुताबिक इबादत करने का अधिकार है।’’ अदालत ने कहा था, ‘‘हालांकि, ऐसे अवसर पर जहां सार्वजनिक मार्ग या सार्वजनिक संपत्ति पर इबादत करनी हो, ऐसी स्थिति में याचिकाकर्ता कम से कम इसकी जानकारी पुलिस को देगा और कानून के मुताबिक आवश्यक मंजूरी लेगा।’’