मुंबईः DA Hike Latest Update केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग बनाने का ऐलान किया है। राज्यों में इस आयोग की सिफारिशों के लागू होने में समय लग सकता है। इससे पहले राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर रही है। इसी बीच अब होली से ठीक पहले महाराष्ट्र के सरकारी कर्मचारियों को तोहफा मिला है। फडणवीस सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
DA Hike Latest Update महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 5वें वेतन आयोग के अपरिवर्तित वेतनमान के तहत 12 प्रतिशत का इजाफा किया, जो 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी है। सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के अनुसार, डीए को 443 प्रतिशत से संशोधित कर 455 प्रतिशत किया गया है। इसका भुगतान फरवरी, 2025 की सैलरी के साथ नकद में किया जाएगा। इसमें 1 जुलाई, 2024 से 31 जनवरी, 2025 तक का बकाया भी शामिल है।
राज्य वित्त विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि डीए बढ़ोतरी से करीब 17 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। आदेश में कहा गया है कि संशोधित महंगाई भत्ते पर होने वाले खर्च को सरकारी कर्मचारियों के लिए संबंधित वेतन और भत्ते के मद में आवंटित बजटीय प्रावधानों से पूरा किया जाएगा। अनुदान प्राप्त संस्थाओं और जिला परिषद कर्मचारियों के लिए व्यय को उनकी वित्तीय सहायता के लिए निर्दिष्ट उप-शीर्षों के अंतर्गत दर्ज किया जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी कब से प्रभावी होगी?
महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी होगी, और इसका भुगतान फरवरी 2025 की सैलरी के साथ नकद में किया जाएगा।
इस बढ़ोतरी से कितने सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा?
इस बढ़ोतरी से करीब 17 लाख सरकारी कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
डीए बढ़ोतरी के बाद महाराष्ट्र सरकार का खर्च किसे प्रभावित करेगा?
महंगाई भत्ते में इस बढ़ोतरी के बाद होने वाला खर्च संबंधित वेतन और भत्ते के मद में आवंटित बजटीय प्रावधानों से पूरा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अनुदान प्राप्त संस्थाओं और जिला परिषद कर्मचारियों के लिए व्यय को उनकी वित्तीय सहायता से पूरा किया जाएगा।
महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए कितनी महत्त्वपूर्ण है?
महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए वित्तीय राहत का कारण बनेगी, खासकर महंगाई के वर्तमान स्तर को ध्यान में रखते हुए।