मुंबई, 26 जनवरी (भाषा) कांग्रेस नेताओं हर्षवर्धन सपकाल और वर्षा गायकवाड़ ने महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित करने के फैसले की सोमवार को कड़ी आलोचना की।
कोश्यारी का राज्यपाल के तौर पर सितंबर 2019 से फरवरी 2023 के बीच का कार्यकाल उद्धव ठाकरे की महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार के साथ टकराव के कारण सुर्खियों में रहा था।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख सपकाल ने कहा कि कोश्यारी ने संवैधानिक पद का अपमान किया और राज्य की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
यहां कांग्रेस कार्यालय में गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के बाद सपकाल ने कहा कि उन्होंने पुणे के एक सामाजिक संगठन से पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया था क्योंकि इसे कोश्यारी द्वारा प्रदान किया जाना था।
कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का महाराष्ट्र के महान नेताओं और संवैधानिक हस्तियों का अपमान करने का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोश्यारी ने पहले भी छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे व्यक्ति को पद्म पुरस्कार से सम्मानित करना महाराष्ट्र का अपमान है।’’
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता क्लाइड क्रेस्टो ने कहा कि कोश्यारी ने महाराष्ट्र के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज और अन्य पूजनीय हस्तियों के बारे में बार-बार विवादास्पद टिप्पणियां की थीं।
उन्होंने कहा कि कोश्यारी को पद्म पुरस्कार से सम्मानित करना भाजपा के ‘‘सत्ता के अहंकार’’ और महाराष्ट्र के इतिहास और सांस्कृतिक गौरव के प्रति उसकी उपेक्षा को दर्शाता है।
क्रेस्टो ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र के लोग छत्रपति शिवाजी महाराज के अपमान को कभी नहीं भूलेंगे। कोश्यारी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पुरस्कार देना शर्मनाक है।’’
राकांपा (एसपी) नेता ने कहा, ‘‘कोश्यारी को पद्म पुरस्कार दिया जाना महाराष्ट्र के लोगों का अपमान है।’’
कोश्यारी को छत्रपति शिवाजी महाराज को ‘पुराने समय का प्रतीक’ कहने पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। राज्यपाल के तौर पर कोश्यारी के कार्यकाल में कई विवाद हुए।
भाषा आशीष नरेश
नरेश