Samvida Karmachari Regularization News: नियमित होंगे हजारों संविदा कर्मचारी! नई नीति लाने की तैयारी में सरकार, सैलरी में भी हो सकती है बढ़ोतरी

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नियमित होंगे हजारों संविदा कर्मचारी! नई नीति लाने की तैयारी में सरकार, Uttarakhand Samvida Karmchari Regularization New Rule

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  • Publish Date - January 26, 2026 / 07:57 PM IST,
    Updated On - January 26, 2026 / 08:07 PM IST

Samvida Karmchari Regularization. Image Source- IBC24

HIGHLIGHTS
  • 2022 से पहले नियुक्त दैनिक-संविदा कर्मियों के विनियमितीकरण पर सहमति के संकेत
  • वन विभाग के 700 से अधिक दैनिक श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 18 हजार करने का प्रस्ताव
  • एलटी ग्रेड शिक्षकों के वेतन पुनर्निर्धारण आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

देहरादून। Samvida Karmchari Regularization प्रदेश के विभिन्न विभागों में दैनिक वेतन और संविदा पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए जल्द ही राहत भरी खबर आ सकती है। उत्तराखंड सरकार दैनिक और संविदा कर्मचारियों के विनियमितीकरण को लेकर नई कट-ऑफ तिथि तय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार कैबिनेट की उप समिति में वर्ष 2022 से पहले नियुक्त कार्मिकों को इस दायरे में लाने पर सहमति बन गई है, हालांकि अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। बताया जा रहा है कि इस विषय पर समिति की कुछ और बैठकें प्रस्तावित हैं। अंतिम निर्णय के बाद सरकार इस संबंध में औपचारिक आदेश भी जारी कर सकती है। इसके साथ ही संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने के प्रस्ताव पर भी विचार चल रहा है।

वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को भी मिलेगी राहत (Samvida Karmachari Regularization News)

उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के फैसले के बाद अब सरकार वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों को भी राहत देने की तैयारी में है। वन विभाग में कार्यरत 700 से अधिक दैनिक श्रमिकों का मानदेय बढ़ाया जा सकता है। प्रस्ताव के अनुसार इनका न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये तय किए जाने पर सहमति बनी है। वर्तमान में श्रम विभाग के मानकों के अनुसार वन श्रमिकों को 12,539 से 14,023 रुपये मानदेय मिलता है, जो कटौतियों के बाद और कम हो जाता है। लंबे समय से मानदेय पुनरीक्षण की मांग उठ रही थी। उपनल, दैनिक और संविदा कर्मियों के मानदेय व सेवा शर्तों को तय करने के लिए गठित कैबिनेट की उप समिति ने इस प्रस्ताव पर भी सहमति दे दी है। वन मंत्री सुबोध उनियाल इस समिति के अध्यक्ष हैं और प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट में लाने की तैयारी है।

एलटी ग्रेड शिक्षकों के वेतन पुनर्निर्धारण पर हाईकोर्ट की रोक

Samvida Karmchari Regularization इधर, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राजकीय इंटर कॉलेजों में कार्यरत सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड के प्रोन्नत वेतनमान के पुनर्निर्धारण संबंधी आदेश पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए अगली तारीख 27 अप्रैल तय की है और राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता सेवक सिंह, गोपाल दत्त पंत, प्रमोद कुमार, धरमराम आर्य, प्यारे लाल साह सहित अन्य शिक्षकों ने सरकारी सेवक वेतन नियमावली प्रथम संशोधन-2025 और वित्त सचिव द्वारा 18 दिसंबर 2025 को जारी प्रोन्नत वेतनमान के पुनर्निर्धारण आदेश को चुनौती दी थी।

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संविदा और दैनिक कर्मचारियों के विनियमितीकरण की नई कट-ऑफ क्या हो सकती है?

सूत्रों के अनुसार वर्ष 2022 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को विनियमितीकरण के दायरे में लाने पर सहमति बन रही है, हालांकि अंतिम फैसला बाकी है।

संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने पर कब तक निर्णय संभव है?

कैबिनेट की उप समिति की कुछ और बैठकें प्रस्तावित हैं। अंतिम बैठक के बाद सरकार औपचारिक आदेश जारी कर सकती है।

वन विभाग के दैनिक श्रमिकों का न्यूनतम वेतन कितना तय हो सकता है?

प्रस्ताव के अनुसार वन विभाग के दैनिक श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये तय किया जा सकता है।

एलटी ग्रेड शिक्षकों के वेतन पुनर्निर्धारण पर हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया है?

हाईकोर्ट ने प्रोन्नत वेतनमान के पुनर्निर्धारण आदेश पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई 27 अप्रैल को तय की है।

विनियमितीकरण से किन कर्मचारियों को सबसे अधिक लाभ होगा?

दैनिक वेतन, उपनल और संविदा पर वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा और बेहतर वेतन का लाभ मिल सकता है।