मुंबई में प्रदूषण : कांत ने तेल रिफाइनरी, कचरा जलाने को प्रमुख कारक के रूप में चिह्नित किया

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मुंबई में प्रदूषण : कांत ने तेल रिफाइनरी, कचरा जलाने को प्रमुख कारक के रूप में चिह्नित किया

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  • Publish Date - December 12, 2022 / 07:04 PM IST,
    Updated On - December 12, 2022 / 07:04 PM IST

(फोटो के साथ)

मुंबई, 12 दिसंबर (भाषा) मुंबई में जी-20 की पहली कार्यसमूह की बैठक से पहले वायु की खराब गुणवत्ता के मद्देनजर एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने सोमवार को कहा कि मुंबई में प्रदूषण कम करने के लिए दीर्घकालिक उपायों की जरूरत है।

बैठक की पूर्व संध्या पर भारत के जी-20 ‘शेरपा’ अमिताभ कांत ने कहा कि सरकार संचालित दो रिफाइनरी ने अगले 2-3 महीनों में तरल सल्फर और अन्य सल्फर सामग्री उत्सर्जन को कम करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है।

कांत ने कहा कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त आई सी चहल ने सरकारी तेल रिफाइनरी से होने वाले उत्सर्जन का मुद्दा उठाया, जिसके बाद उन्होंने इस मामले को पेट्रोलियम सचिव के समक्ष उठाया। कांत ने उन्हें दी गई जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि दो रिफाइनरी आधुनिक हैं, जो धुआं नहीं, लेकिन सल्फर ऑक्साइड छोड़ती हैं।

रिफाइनरी द्वारा जल्द उत्सर्जन घटाने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कांत ने कहा, ‘‘मुंबई रिफाइनरी के मामले में सल्फर ऑक्साइड उत्सर्जन 10.43 पीपीएम के निर्धारित मानदंडों के भीतर है।’’

कांत ने समस्या को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ बढ़ने के दीर्घकालिक उपायों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मुंबई में चुनौतियां नयी दिल्ली से अलग हैं। कांत ने कहा, ‘‘चुनौतियों में से एक यह है कि रिफाइनरी के पास देवनार डंपिंग ग्राउंड भी है। वहां पर कचरा जलाना बंद होना चाहिए।’’

कांत ने कहा कि मंगलवार से शुरू हो रही चार दिवसीय बैठक में हरित विकास समझौते पर सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश पर्यावरण के लिए जीवन शैली में बदलाव का समर्थन कर रहा है।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यसमूह जी-20 के विकासात्मक एजेंडे का संरक्षक है, और भारत अपने मानव-केंद्रित सतत विकास लक्ष्यों की गाथा को प्रदर्शित करेगा। कांत ने कहा कि अब तक विकसित दुनिया ने दूसरों के लिए एजेंडा तय किया है और सितंबर 2023 तक भारत की जी-20 अध्यक्षता का मुख्य उद्देश्य विश्व मंच पर विश्व के दक्षिणी हिस्से की आवाज का प्रतिनिधित्व करना तथा बदलाव लाना होगा।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश