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मुंबई, 23 जून (भाषा) दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य आगमन की तिथि से 13 दिन बाद आखिरकार मंगलवार को मुंबई पहुंच गया, जिसके साथ ही लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की एक विज्ञप्ति में कहा गया है, “दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर के शेष हिस्सों, मुंबई समेत महाराष्ट्र के कुछ और भागों, तेलंगाना और ओडिशा के शेष हिस्सों तथा छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ और भागों में आगे बढ़ गया है।”
मुंबई में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 10 जून है। उल्लेखनीय है कि आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में मानसून इससे भी देर से यानी 25 जून को पहुंचा था।
आईएमडी के अनुसार, मानसून के आगमन में सबसे अधिक देरी वर्ष 1974 और 1958 में हुई थी। उस साल मानसून का आगमन 28 जून को दर्ज किया गया था।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक बयान के अनुसार, शहर के सभी प्रमुख सबवे खुले रहे और यातायात सामान्य रहा।
उपनगरीय रेल नेटवर्क पर ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं, जबकि बेस्ट बस सेवाएं भी बिना किसी व्यवधान के चलती रहीं।
हालांकि, प्रमुख सड़कों पर यातायात जाम की स्थिति रही।
बीएमसी के अनुसार, सुबह आठ बजे से शाम सात बजे के बीच मध्य मुंबई में स्थित नायर अस्पताल इलाके में सर्वाधिक 78.96 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद एन. एम. जोशी मार्ग-लोअर परेल में 78.4 मिमी और परेल टीटी में 72.63 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
महानगरपालिका ने बताया कि पश्चिमी उपनगरों में मालाड बस डिपो के पास में 61.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि पूर्वी उपनगर मानखुर्द के महाराष्ट्रनगर में 51.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
भाषा जोहेब माधव
माधव