प्रथम दृष्टया कट्टरपंथी व्यक्ति ने अकेले ही ठाणे में सुरक्षा गार्ड पर हमला किया :पुलिस

प्रथम दृष्टया कट्टरपंथी व्यक्ति ने अकेले ही ठाणे में सुरक्षा गार्ड पर हमला किया :पुलिस

प्रथम दृष्टया कट्टरपंथी व्यक्ति ने अकेले ही ठाणे में सुरक्षा गार्ड पर हमला किया :पुलिस
Modified Date: April 28, 2026 / 01:47 pm IST
Published Date: April 28, 2026 1:47 pm IST

मुंबई, 28 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) को ठाणे जिले में दो सुरक्षा गार्ड पर उनका धर्म पूछने के बाद हमला करने के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति के घर से ‘‘अकेले ही हमला करने’’ और इस्लामिक स्टेट का उल्लेख वाला एक नोट मिला है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया, यह घटना एक कट्टरपंथी व्यक्ति द्वारा ‘अकेले ही किया गया हमला’ प्रतीत होती है, जिसने सोमवार तड़के गार्ड को कथित तौर पर चाकू मारने से पहले उनसे ‘कलमा’ पढ़ने को कहा था।

उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान जैब जुबैर अंसारी (31) के रूप में हुई है, जो 2020 में अमेरिका से भारत लौटा था। उन्होंने बताया कि उसने कथित तौर पर ठाणे के मीरा रोड इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत में हुई कहासुनी के बाद सुरक्षा गार्ड से उनका धर्म पूछा था।

एक पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने उन दोनों से उनका धर्म पूछा और ‘कलमा’ पढ़ने को कहा। पीड़ित ने बताया कि जब वे ऐसा नहीं कर पाए, तो उसने चाकू से उन पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए, महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार शाम को घटना की जांच एटीएस को सौंप दी।

अधिकारी ने बताया कि अंसारी घटना स्थल से लगभग 200 मीटर दूर मीरा रोड स्थित नया नगर के स्मिता रीजेंसी भवन में अकेले रहता था। उन्होंने बताया कि अंसारी के आवास की तलाशी के दौरान एटीएस को ‘अकेले हमला करने’ और इस्लामिक स्टेट का उल्लेख करने वाला एक नोट, एक लैपटॉप और कुरान की तीन प्रतियां मिलीं।

अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने पहले दोनों सुरक्षा गार्ड से पास की किसी मस्जिद का पता पूछा। उन्होंने बताया कि दोनों सुरक्षा गार्ड ने मस्जिद की जानकारी होने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इसके बाद आरोपी ने गार्ड से पूछा कि क्या वे हिंदू हैं और आगे बढ़ गया।

अधिकारी ने बताया कि कुछ ही सेकंड में अंसारी वापस आया, अपनी जेब से चाकू निकाला और सुरक्षा गार्ड सुब्रतो सेन और उनके सुपरवाइजर राजकुमार मिश्रा पर कथित तौर पर हमला कर दिया।

उन्होंने बताया कि हमले के दौरान, अंसारी ने सुपरवाइजर से पूछा कि क्या वह भी हिंदू है और यदि नहीं, तो उसे ‘कलमा’ पढ़ना चाहिए। अधिकारी ने बताया कि ‘कलमा’ नहीं पढ़ पाने के कारण आरोपी ने उन पर चाकू से वार किया।

पिछले साल अप्रैल में जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाने वाले आतंकवादियों ने कथित तौर पर पीड़ितों में से एक, जो ईसाई था, को गोली मारने से पहले ‘कलमा’ पढ़ने के लिए कहा था।

सोमवार की घटना के बाद, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अंसारी की पहचान की गई और मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस ने उसे डेढ़ घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

अधिकारी ने बताया कि आरोपी 2000 से 2020 तक अपने माता-पिता के साथ अमेरिका में रहता था। अधिकारी ने बताया कि हालांकि, उसका ‘वर्क परमिट’ समाप्त होने के बाद, वह भारत लौट आया और कुछ समय तक मुंबई के कुर्ला और पड़ोसी नवी मुंबई के वाशी में रहा।

अधिकारी ने बताया कि 2022 से वह स्मिता रीजेंसी बिल्डिंग में अकेला रह रहा था। उन्होंने बताया कि उसकी पत्नी अफगान है और वह उसे छोड़कर अमेरिका चली गई।

मीरा भायंदर-वसई विरार क्षेत्र में विविध आबादी रहती है, जिसमें मुस्लिम बहुल एक क्षेत्र भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, 2024 में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह की रैली के दौरान शहर में सांप्रदायिक तनाव देखने को मिला था, जब 60 से अधिक लोगों ने एक शोभायात्रा पर हमला किया था और वाहनों में तोड़फोड़ की थी।

भाषा अमित अविनाश

अविनाश


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