खतरा होने पर तेंदुए को मारने वालों को कानूनी कार्रवाई से छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी: मंत्री

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खतरा होने पर तेंदुए को मारने वालों को कानूनी कार्रवाई से छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी: मंत्री

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 06:59 PM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 06:59 PM IST

मुंबई, 12 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के वन मंत्री गणेश नाइक ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने तेंदुओं को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची दो में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे मानव बस्तियों में प्रवेश करने वाले इस जानवर को मारने वाले लोगों को कानूनी कार्रवाई से बचाया जा सकेगा।

विधायक सत्यजीत देशमुख द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए नाइक ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार इस कदम के लिए केंद्र से मंजूरी मांगेगी।

मंत्री ने कहा कि तेंदुओं द्वारा मानव बस्तियों में प्रवेश करने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

उन्होंने कहा कि एक बार जब तेंदुओं को वन्यजीव संरक्षण ढांचे की अनुसूची एक से अनुसूची दो में स्थानांतरित कर दिया जाएगा तो यदि मानव बस्तियों में प्रवेश करने वाले और खतरा पैदा करने वाले किसी तेंदुए को कोई व्यक्ति मारता है तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मंत्री ने यह भी कहा कि मानव बस्तियों में प्रवेश करने और लोगों की मौत का कारण बनने वाले तेंदुओं को ‘आदमखोर’ घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं।

नाइक ने बताया कि इससे पहले सरकार ने केंद्र को 150 तेंदुओं के बंध्याकरण का प्रस्ताव भेजा था। केंद्र सरकार ने प्रायोगिक आधार पर पांच मादा तेंदुओं को पकड़ने और बंध्याकरण करने की अनुमति दे दी है और इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है।

भाषा शुभम सुरेश

सुरेश