मुंबई, 27 अप्रैल (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को मुंबई के प्रतिष्ठित किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) अस्पताल का नाम बदलने संबंधी प्रस्ताव को लेकर सोमवार को आगाह किया। पार्टी ने दावा किया कि 100 साल पुराने इस संस्थान का नाम बदलने का कोई भी कदम शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ सकता है।
शिवसेना (उबाठा) विधायक अजय चौधरी और पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर के नेतृत्व में पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल का नाम बदलकर कौशल्या एकलव्य मेमोरियल अस्पताल किए जाने के बीएमसी के प्रस्ताव के विरोध में केईएम के डीन को एक ज्ञापन सौंपा।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बीएमसी को पत्र लिखकर किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल का नाम बदलकर कौशल्या एकलव्य मेमोरियल अस्पताल रखने का अनुरोध किया था। यह प्रस्ताव पिछले हफ्ते स्वास्थ्य समिति के समक्ष चर्चा के लिए आया और इसे मंजूरी दे दी गई। बीएमसी प्रशासन के आम सभा की बैठक में इस पर चर्चा किए जाने की संभावना है।
चौधरी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि केईएम अस्पताल की विरासत 100 साल पुरानी है। उन्होंने मंत्री की ओर से नाम बदलने का प्रस्ताव लाने की आवश्यकता पर सवाल उठाया।
चौधरी ने कहा कि किंग एडवर्ड ने उस सात लाख रुपये दान किए थे और अस्पताल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
वहीं, पेडनेकर ने आगाह किया कि अस्पताल का नाम बदलने के किसी भी कदम से शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
शिवसेना (उबाठा) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने भी अस्पताल का नाम बदलने की आवश्यकता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि लोढ़ा को शहर में उनके द्वारा निर्मित ट्रंप टॉवर का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रखना चाहिए।
भाषा पारुल दिलीप
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